जयपुर। राजधानी जयपुर में कानून-व्यवस्था की रखवाली करने वाली पुलिस का एक ऐसा हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। महेश नगर थाना पुलिस ने चोरी की बाइक बरामद करने के फेर में एक आम नागरिक के घर के बाहर खड़ी बाइक को ही उठवा लिया। इतना ही नहीं, पुलिस ने अपनी पीठ थपथपाने के लिए उसी बाइक को ‘झाड़ियों से लावारिस हाल में बरामद’ करने की फर्जी कहानी भी गढ़ दी। लेकिन महेश नगर पुलिस की यह पूरी ‘फिल्मी पटकथा’ इलाके में लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे के फुटेज से बेनकाब हो गई।
चोरी हुई नहीं, लोडिंग टेम्पो में बाइक भरकर ले गई पुलिस
पूरा मामला गुर्जर की थड़ी स्थित शांति नगर का है। यहां के निवासी राजेंद्र शर्मा की मोटरसाइकिल 3 सितंबर की सुबह उनके घर के बाहर से अचानक गायब हो गई। पीड़ित ने जब पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, तो उनके होश उड़ गए।
फुटेज में साफ दिखा कि खाकी वर्दीधारी पुलिसकर्मी दो संदिग्ध युवकों के साथ आए और घर के बाहर खड़ी बाइक को लोडिंग पिकअप में लादकर अपने साथ ले गए। यानी जिस बाइक की कोई चोरी ही नहीं हुई थी, उसे खुद पुलिस ने ही उठवा लिया और बाद में कागजों में उसे झाड़ियों से बरामद होना दिखा दिया।
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दो संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद गढ़ी झूठी कहानी
दरअसल, 2 सितंबर को महेश नगर थाना पुलिस ने गश्त के दौरान दो शातिर बदमाशों को दबोचा था। पूछताछ में बदमाशों ने बाइक चोरी की कई वारदातें कबूल कीं। अब अपनी रिकवरी की रिपोर्ट बेहतर दिखाने के लिए पुलिस बदमाशों को लेकर शांति नगर पहुंची। चोरों के इशारे पर पुलिस ने बिना किसी जांच-पड़ताल के राजेंद्र शर्मा की बाइक टेम्पो में लदवा ली।
अगले दिन जब पीड़ित राजेंद्र शर्मा ने बाइक गायब होने पर कंट्रोल रूम और मानसरोवर थाने से संपर्क किया, तो पहले तो पुलिस ने किसी भी तरह की जब्ती से साफ इनकार कर दिया।
‘आप तो चोरी की FIR लिखा दो, गलतफहमी हो गई’
CCTV फुटेज का सच सामने आने के बाद महेश नगर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पीड़ित राजेंद्र शर्मा को थाने बुलाकर अधिकारियों ने कहा कि— “गलतफहमी में आपकी बाइक उठ गई थी। अब आप एक झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा दीजिए कि बाइक चोरी हो गई थी, ताकि हम कोर्ट के जरिए इसे रिलीज करवाकर आपको सौंप सकें।”
हालांकि, पीड़ित राजेंद्र शर्मा ने पुलिस की इस फर्जी कहानी का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब गलती पुलिस ने की है और बाइक खुद उठवाई है, तो कोर्ट के चक्कर काटने और कानूनी पेचीदगियों को सुलझाने की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही होनी चाहिए।
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डीसीपी ने किया महेश नगर पुलिस का बचाव
इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा भी अपनी पुलिस टीम का बचाव करते नजर आए। डीसीपी ने किसी भी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की बात किए बिना कहा कि महेश नगर पुलिस ने बाइक चोरों की निशानदेही पर ही उठाई थी, क्योंकि गिरफ्तार आरोपियों ने उस जगह बाइक खड़ी होने की जानकारी दी थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी गलतफहमी हुई है, उसे जल्द दूर कर बाइक मालिक को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।



