जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर का सबसे प्रमुख शैक्षणिक केंद्र ‘गोपालपुरा बाईपास’ इन दिनों जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और कोचिंग संचालकों के बीच तीखे टकराव का मैदान बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए जेडीए ने क्षेत्र के दर्जनों कोचिंग संस्थानों को परिसर खाली करने और गतिविधियों को पूरी तरह बंद करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। जेडीए के इस अचानक एक्शन और सीलिंग की कार्रवाई से पूरे इलाके में जबरदस्त हड़कंप मच गया है।
नोटिस के बाद 7 दिनों की मोहलत, सीलिंग की चेतावनी
जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने गोपालपुरा बाईपास पर संचालित कई बड़े कोचिंग सेंटरों को नोटिस थमाते हुए 1 से 7 दिनों के भीतर संचालन पूरी तरह बंद करने की अंतिम चेतावनी दी है। प्राधिकरण का कहना है कि इससे पहले 21 जुलाई को भी संचालकों को चेतावनी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद व्यावसायिक और शैक्षणिक गतिविधियां धड़ल्ले से जारी रहीं। इसके बाद जेडीए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए परिसरों को सील करने की तैयारी कर ली है।
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200 से अधिक संस्थान पूरी तरह बंद, व्यापारियों का भी मिला समर्थन
जेडीए के इस एक्शन के विरोध में ‘राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन’ के आह्वान पर गोपालपुरा बाईपास क्षेत्र में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी गई। इस हड़ताल का असर इतना व्यापक रहा कि इलाके के 200 से अधिक कोचिंग संस्थान, डिजिटल लाइब्रेरी और स्टडी हॉल पूरी तरह बंद रहे। हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई ठप हो गई।
कोचिंग संचालकों की इस मुहिम को स्थानीय व्यापार मंडल और बिल्डिंग मालिक एसोसिएशन का भी भरपूर समर्थन मिला है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से न केवल शिक्षा क्षेत्र प्रभावित हो रहा है, बल्कि इससे जुड़े हजारों लोगों के रोजगार पर भी संकट मंडराने लगा है।
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जेडीए के पुराने आदेशों का दिया हवाला, कानूनी लड़ाई की तैयारी
कोचिंग एसोसिएशन ने जेडीए की इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए अपने पक्ष में कई पुराने आदेशों का तर्क दिया है:
- अधिसूचित क्षेत्र: संचालकों का कहना है कि जेडीए ने स्वयं 5 जुलाई 2021 और 26 जुलाई 2022 के आदेशों में इस 160 फीट चौड़ी सड़क को कोचिंग गतिविधियों के लिए अधिकृत किया था।
- डेवलपमेंट प्लान: वर्ष 2022 के ‘स्पेशल प्रोजेक्ट डेवलपमेंट प्लान’ में भी इस क्षेत्र को एक व्यवस्थित ‘कोचिंग हब’ के रूप में विकसित करने का स्पष्ट उल्लेख था।
संचालकों ने राज्य सरकार से मांग की है कि उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में होने वाली आगामी सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल (AG) के माध्यम से कोचिंग सेंटरों का पक्ष मजबूती से रखा जाए। साथ ही, एसोसिएशन ने सीलिंग की इस एकतरफा कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है और राहत पाने के लिए मामले को राजस्थान हाईकोर्ट में ले जाने की पूरी तैयारी कर ली है।



