जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस महकमे को हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस की स्पेशल टीम (CST) में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल पर आरोप है कि उसने पुरानी कहासुनी का बदला लेने के लिए अपने दोस्तों को शराब पार्टी के बहाने सरकारी क्वार्टर पर बुलाया और उनके पास हथियार होने की सूचना देकर गिरफ्तार करवा दिया। हालांकि, पकड़े गए युवकों के मोबाइल फोन की जांच में कथित साजिश की परतें खुलने लगीं। इसके बाद पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल रोहिताश सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मामले में रोहिताश के अलावा फुरकान, मनीष मीणा और अभिषेक सिंह राठौड़ को गिरफ्तार किया गया है। पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
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आधी रात को पुलिस को दी हथियारों की सूचना
डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा के मुताबिक, सोमवार देर रात करीब 2 बजे हेड कॉन्स्टेबल रोहिताश ने शास्त्री नगर थाना पुलिस को सूचना दी कि उसने इलाके में कुछ लोगों को अवैध हथियारों के साथ पकड़ा है। सूचना मिलने पर थाने से एक एएसआई को मौके पर भेजा गया।
पुलिस जब रोहिताश के सरकारी क्वार्टर पर पहुंची, तो वहां मृदुल सोनी, मनीष मीणा, अभिषेक सिंह राठौड़ और फुरकान मौजूद थे। मौके पर दो हथियार भी मिले। रोहिताश ने फुरकान को मुखबिर बताते हुए उसे वहां से जाने दिया, जबकि बाकी तीन युवकों को पुलिस थाने ले गई। इसके बाद उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस की शुरुआती कार्रवाई तड़के करीब चार बजे तक चली।
मोबाइल फोन की जांच में सामने आया पूरा मामला
पकड़े गए युवकों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन की जांच के दौरान पुलिस को घटनाक्रम के बारे में अहम जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि रोहिताश ने ही युवकों को फोन करके शराब पार्टी के लिए अपने सरकारी क्वार्टर पर बुलाया था।
आरोप है कि वहां हथियार रखकर उसने पुलिस को सूचना दी और अपने ही दोस्तों को अवैध हथियारों के मामले में फंसा दिया। मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जांच कराई गई। इसके बाद पुलिस ने रोहिताश और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
मृदुल सोनी ने यह आरोप भी लगाया कि रोहिताश ने उसकी सोने की चेन, घड़ी और नकदी अपने पास रख ली थी। उसने यह भी दावा किया कि पैसों के लिए दबाव बनाया जा रहा था और इनकार करने पर उसे हथियारों के मामले में फंसा दिया गया। इन आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होनी बाकी है।
जिन दोस्तों से हथियार लिए, उन्हीं को फंसाने का आरोप
पुलिस जांच में हथियारों की व्यवस्था को लेकर भी जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, रोहिताश ने कुछ समय पहले अभिषेक सिंह राठौड़ और मनीष मीणा से पिस्टल ली थीं। अभिषेक के पास कथित तौर पर पिछले पांच साल से एक पिस्टल और दो कारतूस थे।
जांच में यह भी सामने आया कि रोहिताश ने एक पिस्टल अपने शास्त्री नगर स्थित सरकारी क्वार्टर और दूसरी मुरलीपुरा स्थित अपने घर पर रखी थी। घटना वाली रात उसने फुरकान को अपने घर भेजकर हथियार मंगवाया और बाद में उन्हीं हथियारों के आधार पर दोस्तों को पकड़वाने की योजना बनाई। हालांकि, हथियार कहां से आए, किसके पास उनका स्वामित्व था और उन्हें किस परिस्थिति में रखा गया था, इन सभी पहलुओं की पुलिस जांच कर रही है।
पुरानी कहासुनी बनी विवाद की वजह?
पुलिस की जांच के अनुसार, रोहिताश और उसके साथियों के बीच लंबे समय से दोस्ती थी। वे अक्सर साथ बैठकर पार्टी करते थे। कुछ समय पहले एक शराब पार्टी के दौरान पिस्टल को लेकर उनके बीच कहासुनी हुई थी। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद दोस्तों ने माफी भी मांग ली थी। इसके बावजूद रोहिताश पर आरोप है कि उसने सोमवार रात उन्हें पार्टी के बहाने बुलाकर हथियारों के मामले में फंसाने की योजना बनाई।
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मृदुल सोनी की रिहाई के लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत आवेदन किया। वहीं, रोहिताश, फुरकान, मनीष मीणा और अभिषेक सिंह राठौड़ को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
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पुलिस कमिश्नर की सख्त चेतावनी, विभागीय जांच के आदेश
इस मामले में पुलिसकर्मी की कथित भूमिका सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने भी सख्त रुख अपनाया है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने स्पेशल टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के साथ किसी भी तरह की मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चारों जिलों के डीसीपी सहित संबंधित अधिकारियों को अपनी टीमों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मामले में विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर ने चेतावनी दी है कि यदि स्पेशल टीमों में इस तरह की मिलीभगत सामने आती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में सेवा से बर्खास्त करने तक का कदम उठाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले में हथियारों की खरीद और उनके इस्तेमाल, कथित साजिश तथा मृदुल सोनी की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।



