Friday, October 9, 2026
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नाहरगढ़ अभयारण्य में ACB की बड़ी कार्रवाई, वनपाल और वनरक्षक 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

नाहरगढ़ अभयारण्य में ACB ने वनपाल श्याम सिंह और वनरक्षक शिवकिशोर को 50 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। मामला आमेर में शूटिंग की सिक्योरिटी राशि से जुड़ा है।

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नाहरगढ़ अभयारण्य में तैनात एक वनपाल और एक वनरक्षक को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार, वनपाल श्याम सिंह 20 हजार रुपये और वनरक्षक शिवकिशोर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए। यह कार्रवाई 8 अक्टूबर 2026 को एसीबी की स्पेशल यूनिट-द्वितीय, जयपुर की टीम ने की। एसीबी के मुताबिक, यह मामला आमेर के मावठा में की गई शूटिंग से संबंधित सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने की एवज में रिश्वत मांगने के आरोप से जुड़ा है। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की।

सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता के अनुसार, परिवादी ने एसीबी की स्पेशल यूनिट-द्वितीय, जयपुर में शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मावठा, आमेर में शूटिंग कार्य से संबंधित सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने के लिए वनपाल श्याम सिंह और वनरक्षक शिवकिशोर रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत के अनुसार, वनपाल श्याम सिंह पहले ही 15 हजार रुपये प्राप्त कर चुका था और इसके बाद 20 हजार रुपये की अतिरिक्त रिश्वत मांगी जा रही थी। वहीं, वनरक्षक शिवकिशोर पर 30 हजार रुपये मांगने का आरोप था।

एसीबी ने ऐसे की ट्रैप कार्रवाई

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर प्रसाद के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान वनपाल श्याम सिंह को 20 हजार रुपये और वनरक्षक शिवकिशोर को 30 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए गिरफ्तार किया गया। दोनों से कुल 50 हजार रुपये की कथित रिश्वत राशि बरामद की गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज होगा मामला

एसीबी के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान किया जाएगा। यह कार्रवाई एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के सुपरविजन में की गई।

भ्रष्टाचार की शिकायत कहां करें?

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की अपील की है। एसीबी के अनुसार, रिश्वत मांगने या भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत के लिए नागरिक इन माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:

  • टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1064
  • व्हाट्सऐप हेल्पलाइन: 94135-02834

एसीबी ने यह भी बताया कि किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत या प्रकरण दर्ज होने पर वह सीधे ब्यूरो से संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है। मामले में उपलब्ध तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद जांच से संबंधित निर्णय लिया जाता है।

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