नई दिल्ली (प्रज्ञा पांडे)। मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत से पहले खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। मंगलवार सुबह सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया कि कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस को कम से कम तीन ड्रोन से निशाना बनाया गया। फिलहाल अमेरिका और कुवैत की ओर से किसी बड़े नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं की गई है। यदि इस दावे की पुष्टि होती है, तो यह हाल के महीनों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सबसे गंभीर हमलों में से एक माना जाएगा। तनाव के बीच ब्रिटेन की UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने जानकारी दी कि ओमान के खासाब तट के पास एक मालवाहक जहाज अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया। घटना के बाद जांच शुरू कर दी गई है और क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। फिलहाल हमले के जिम्मेदारों की पहचान नहीं हो सकी है।
ट्रम्प की ईरान को कड़ी चेतावनी
इन घटनाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास समझौते का अब “आखिरी मौका” है। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि ईरान एक ओर बातचीत की बात करता है, जबकि दूसरी ओर सार्वजनिक रूप से इससे इनकार करता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहे, तो अमेरिका सैन्य विकल्प अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर संशय
दोनों देशों के बीच प्रस्तावित बातचीत को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। वार्ता की तारीख और स्थान तय नहीं हो पाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कतर और पाकिस्तान संभावित मेजबान देशों के रूप में चर्चा में हैं और दोनों देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान सीधे सैन्य टकराव के बजाय समुद्री व्यापार, तेल आपूर्ति और प्रमुख शिपिंग रूट्स पर दबाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर आर्थिक और रणनीतिक दबाव बनाना है। इसी बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ रहे एक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका भी तैयार कर रहा नई रणनीति
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) अपने सैन्य विशेषज्ञों से ईरान पर दबाव बढ़ाने के नए विकल्पों पर सुझाव मांग रहा है। इसे क्षेत्र में बदलते हालात के बीच अमेरिका की नई रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग प्रभावित होती है, तो वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। फिलहाल कुवैत स्थित अमेरिकी बेस पर कथित ड्रोन हमले, ओमान के पास मालवाहक जहाज पर हमले और MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित देशों की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। हालांकि इन घटनाओं ने एक बार फिर मध्य पूर्व में सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।



