Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच शांति को लेकर चल रहे तमाम प्रयास अब विफल होते नजर आ रहे हैं. ईरान ने बंदर अब्बास पोर्ट पर हमले के जवाब में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है. ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरबेस पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. तेहरान ने इसे जवाब कार्रवाई बताया है. हालांकि ईरान की तरफ से यह नहीं बताया गया कि यह किस अमेरिकी बेस पर किए गए हैं.
कुवैत पर मिसाइल, ड्रोन अटैक
उधर, कुवैत के ऊपर पर भी हमले की जानकारी सामने आई है. कुवैत ने रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा है कि कुवैत की सेना मिसाइल और ड्रोन हमलों का माकूल जवाब दे रही है. कुवैत की सेना की तरफ से एक्स पोस्ट में कहा गया है कि कुवैत का एयर डिफेंस सिस्टम देश की ओर दागी गई मिलाइलों और ड्रोन्स को रोक रहा है.
IRGC ने अमेरिका को दी चेतावनी
इसके साथ ही IRGC ने अमेरिका को चेतावनी भी दी है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि दुश्मन की हर आक्रामकता का माकूल जवाब दिया जाएगा, साथ ही यह भी कहा कि यदि हमलों को दोबारा दोहराया गया तो ईरान की तरफ से इससे भी ज्यादा निर्णायक और घातक प्रतिक्रिया दी जाएगी.
आईआरजीसी ने आगे बताया कि अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास पोर्ट के बाहरी इलाके में एक जगह पर हमला किया था. इसके जवाब में आज सुबह 4.50 बजे उस अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर हमला किया गया. जिसकी पहचान हमले के स्रोत के रूप में हुई थी.
अमेरिका ने ईरान के हमले को किया नाकाम
इससे पहले अमेरिकी सेना ने बुधवार को तेहरान के खिलाफ फिर सैन्य कार्रवाई की. हालांकि उसने इसे रक्षात्मक सैन्य कार्रवाई बताया. इस सप्ताह यह दूसरी बार है जब अमेरिका ने इस तरह की कार्रवाई की है. अमेरिका के दो अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान के 4 ड्रोन नष्ट कर दिए और उस अड्डे पर भी हमला किया, जहां से 5वां ड्रोन दागने की तैयारी की जा रही थी. इनसे होर्मुज जलडमरूमध्य को खतरा माना जा रहा था.
‘ईरान आखिरी सांसें गिन रहा‘
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान आखिरी सांसें गिन रहा है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बावजूद वह जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करेंगे. कैबिनेट बैठक की शुरुआत में ट्रंप ने भरोसा जताया कि हम समझौते के करीब हैं. पिछले सप्ताहांत भी उन्होंने कहा था कि उनका प्रशासन और ईरान काफी हद तक किसी समाधान पर पहुंच चुके हैं.
हालांकि बातचीत सोमवार को और जटिल हो गई, जब अमेरिकी बलों ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों और बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नौकाओं पर हमले किए. वहीं अमेरिका का कहना है लगभग 3 माह पहले शुरू हुए इस संघर्ष में वह संयम के साथ कदम उठा रहा है, जबकि ईरान ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे बुरी नीयत और अविश्वसनीयता का प्रमाण बताया.
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