Friday, April 17, 2026
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हरिवंश नारायण सिंह तीसरी बार बने राज्यसभा के उपसभापति, पहली बार मनोनीत सदस्य को मिला पद

Harivansh Narayan Singh तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं। उनका निर्वाचन निर्विरोध हुआ, क्योंकि विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा गया। यह पहली बार है जब किसी मनोनीत सदस्य को इस पद के लिए चुना गया है।

Harivansh Narayan Singh Rajya Sabha: मनोनीत सांसद हरिवंश नारायण सिंह शुक्रवार को राज्यसभा के तीसरी बार उपसभापति बने.उनका निर्विरोध निर्वाचन हुआ. विपक्ष की ओर से कोई नाम नहीं आया. यह पहली बार है जब किसी मनोनीत सदस्य को उपसभापति चुना गया है. हरिवंश के निर्वाचन के लिए केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जे. पी. नड्डा ने एक प्रस्ताव पेश किया और एस फांग्नोन कोन्याक ने प्रस्ताव का समर्थन किया. प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित किए जाने के बाद हरिवंश तीसरी बार उपसभापति चुने गए. उपसभापति पद के लिए हरिवंश के पक्ष में कुल पांच प्रस्ताव पेश किए गए.

हरिवंश के समर्थन में कुल 5 प्रस्ताव पेश किए

हरिवंश के समर्थन में कुल पांच प्रस्ताव पेश किए गए. पहला प्रस्ताव नड्डा ने पेश किया. दूसरा प्रस्ताव भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पेश किया जिसका बृज लाल ने समर्थन किया. एक अन्य प्रस्ताव वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया, जिसका समर्थन सुरेंद्र सिंह नागर ने किया. चौथा प्रस्ताव जदयू सांसद और कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पेश किया, जिसे आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा ने समर्थन दिया. इसके अलावा, रालोद सांसद और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी द्वारा दिये गये प्रस्ताव का शिवसेना सांसद मिलिंद मुरली देवरा ने समर्थन किया.

पीएम मोदी और खरगे ने उपसभापति को सीट तक पहुंचाया

प्रस्ताव पारित होने के बाद सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने घोषणा की, ‘मैं घोषित करता हूं कि हरिवंश जी राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं.’ इसके बाद सभापति ने सदन के नेता नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे से हरिवंश को उपसभापति की निर्धारित सीट तक ले जाने का आग्रह किया. दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में हरिवंश को उपसभापति की सीट तक पहुंचाया. यह सीट विपक्ष के नेता की सीट के समीप है.

राज्यसभा के उपसभापति का पद हरिवंश का उच्च सदन में कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने के बाद रिक्त हो गया था. इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया. हरिवंश ने 10 अप्रैल को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली.

पीएम मोदी ने हरिवंश को दी बधाई

हरिवंश को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लगातार तीसरी बार राज्यसभा का उपसभापति चुना जाना अपने आप में इस बात का गहरा प्रमाण है कि सदन को उन पर कितना भरोसा है. मोदी ने कहा कि सदन को अतीत में हरिवंश के अनुभव और सभी को साथ लेकर चलने के उनके प्रयासों से काफी लाभ हुआ है. उन्होंने कहा, ‘यह उनके अनुभव और सहज कार्यशैली का सम्मान है.’ उन्होंने कहा कि हरिवंश के नेतृत्व में सदन की कार्यक्षमता में वृद्धि देखी गई है और वह न केवल सदन का संचालन करते हैं, बल्कि अपने जीवन के अनुभवों से उसे समृद्ध भी करते हैं. यह पहली बार है जब किसी नामित सदस्य को उपसभापति चुना गया है। हरिवंश पहले पत्रकार रह चुके हैं.

खरगे ने जताई ये उम्मीद

खरगे ने उम्मीद जताई कि उपसभापति विपक्ष का ध्यान रखेंगे और उन्हें अपनी बात रखने के लिए सदन में पर्याप्त समय देंगे. उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि अपने तीसरे कार्यकाल में हरिवंश लोकतंत्र को सशक्त बनाए रखने के लिए विपक्ष को अधिक महत्व देंगे. कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद 2019 से रिक्त होना उनके लिए पीड़ादायी है. उन्होंने कहा कि आखिर यह पद 7 साल से रिक्त क्यों है. यह संविधान की भावना के विपरीत है.’

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Premanshu Chaturvedi
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