पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सचिवालय से ‘भारत की जनगणना 2027’ की डिजिटल शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने राज्यवासियों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना सुशासन की आधारशिला है, जो आने वाले वर्षों में विकास योजनाओं, नीतियों और कल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने इसे तकनीकी दृष्टि से ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि इस प्रक्रिया में स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिसके तहत नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। यह सुविधा शुक्रवार से एक मई तक जारी रहेगी, जिससे डेटा संग्रहण अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगा।
जनगणना 2027 से बदलेगा विकास का खाका, CM का बड़ा बयान
चौधरी ने कहा कि राज्य में जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य दो मई 2026 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे स्व-गणना के माध्यम से अथवा प्रगणकों को सहयोग देकर एक सटीक, समावेशी और विश्वसनीय जनगणना सम्पन्न कराने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि ‘जनगणना-2027’ बिहार एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगी। इससे पहले सुबह में मुख्यमंत्री जेपी गंगा पथ पर आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने वहां कहा कि महिला सशक्तिकरण बिहार सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल नारा नहीं, बल्कि राज्य सरकार द्वारा धरातल पर लागू की जा रही एक ठोस नीति है।

मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ सीधे तौर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उपस्थित महिलाओं ने राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया और सरकार के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने भी महिलाओं के उत्साहपूर्ण स्वागत का अभिवादन स्वीकार किया।
महिलाओं ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं, जैसे स्वयं सहायता समूहों, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता संबंधी कार्यक्रमों पर संतोष व्यक्त किया।



