हनुमानगढ़। राजस्थान के हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल एक बार फिर चर्चा में हैं। विधायक के खिलाफ एक और मामला दर्ज हुआ है। परिवादी रिछपाल खर्रा की रिपोर्ट के आधार पर हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच के लिए पत्रावली सीआईडी-सीबी को भेज दी है। परिवादी ने आरोप लगाया है कि रंजिश के चलते विधायक गणेशराज बंसल ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर हैरी बॉक्सर के नाम से उन्हें धमकी दिलवाई।
व्हाट्सऐप कॉल पर धमकी देने का आरोप
परिवादी रिछपाल खर्रा के अनुसार, उन्हें व्हाट्सऐप कॉल के जरिए धमकी मिली। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को गैंगस्टर हैरी बॉक्सर बताते हुए कथित तौर पर कहा कि गणेशराज बंसल का पीछा करना छोड़ दो, वह हमारा आदमी है। ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैंगस्टर के नाम से वायरल हो रही ऑडियो क्लिप में एक पुलिस अधिकारी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, कॉल करने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान, ऑडियो क्लिप की सत्यता और धमकी के पीछे किसकी भूमिका थी, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
CID-CB करेगी धमकी भरे कॉल और ऑडियो क्लिप की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण की पत्रावली सीआईडी-सीबी को भेज दी है। अब जांच एजेंसी धमकी भरे व्हाट्सऐप कॉल, वायरल ऑडियो क्लिप और उसमें किए गए दावों की पड़ताल करेगी। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कॉल करने वाला व्यक्ति वास्तव में कौन था और क्या धमकी का संबंध विधायक गणेशराज बंसल से है। फिलहाल, इस मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
17 सितंबर से अब तक विधायक के खिलाफ चार मामले दर्ज
गौरतलब है कि 17 सितंबर से अब तक विधायक गणेशराज बंसल के खिलाफ चार मामले दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें दो मामले वर्ष 2003 में भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़े थे। रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों प्रकरण हाईकोर्ट से खारिज हो चुके हैं। इसके अलावा, अधिवक्ता हरबंश सिंह चंदी की ओर से 29 सितंबर को दर्ज कराए गए एक अन्य मामले में भूखंड हड़पने के प्रयास और मारपीट के आरोप लगाए गए थे। इस प्रकरण में हाईकोर्ट आरोपियों की गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश दे चुका है।
करीब 23 साल पुराने मामले में पिछले महीने मिली थी जमानत
विधायक गणेशराज बंसल को फर्जी तरीके से दो पट्टे जारी करने के आरोप से जुड़े करीब 23 साल पुराने मामले में पिछले महीने जमानत मिली थी। गिरफ्तारी के बाद चार दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने पर सीआईडी-सीबी ने उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में पेश किया था। जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए सात दिन की अतिरिक्त रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने यह मांग खारिज कर विधायक को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए थे। इसके बाद सीजेएम कोर्ट में पेश जमानत आवेदन भी खारिज हो गया था। बाद में जिला एवं सेशन न्यायालय में आवेदन करने पर गणेशराज बंसल को जमानत मिल गई थी। फिलहाल नए मामले में जांच जारी है। धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान, वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता और लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



