Gujarat ATS foils Jaish-e-Mohammed Plan: गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात और मध्य प्रदेश से 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. एटीएस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे और गुजरात में एक आतंकी नेटवर्क स्थापित करने की साजिश रच रहे थे.
गुजरात में आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की थी साजिश
ATS के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी आरोपियों को गुरुवार को अलग-अलग स्थानों पर चलाए गए अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया. शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये सभी प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे और संगठन के निर्देश पर गुजरात में नेटवर्क खड़ा करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे.
इन धाराओं में दर्ज किया मुकदमा
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों का संपर्क किन लोगों से था और क्या इनके जरिए किसी बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी की जा रही थी.
संदिग्धों की हुई पहचान
ATS ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें बनासकांठा जिले के पालनपुर निवासी अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू उबैदा, इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा उर्फ अबू हमजा और मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू आया शामिल हैं। इसके अलावा पाटन जिले के सिद्धपुर स्थित एक मदरसे से जुड़े जकारिया दुरानी मोहम्मद अम्मार, मुफ्ती फौजान इस्माइल दौवा और मोहम्मद अमीन शेरा को भी गिरफ्तार किया गया है। नवसारी जिले से मोहम्मद अब्दुल रहमान सावदी तथा मध्य प्रदेश के देवास निवासी बिलाल दुरानी को भी एटीएस ने गिरफ्तार किया है.
पूछताछ में जुटी एजेंसियां
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. उनके मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, सोशल मीडिया गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
गुजरात एटीएस ने कहा कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी.अधिकारियों का कहना है कि राज्य में आतंकवाद विरोधी अभियान लगातार जारी हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
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