जयपुर/बालोतरा। राज्य में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने व सड़क सुरक्षा की गम्भीरता को देखते हुए आज लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सड़क सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने हाल ही में दौसा जिले में हुई सड़क दुर्घटना के सम्बन्ध में खेद प्रकट करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सुरक्षा मानकों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर समयबद्ध सुधारात्मक कार्यवाही की जाए, ताकि दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।

बैठक में अरूणाचल प्रदेश एवं नागालैण्ड में पंजीकृत होकर राजस्थान में चल रही ऐसी बसें जो निर्धारित बस बॉडी कोड के अनुरूप नहीं है, उनके बारे में दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया तथा इस सम्बन्ध में इन राज्यों के मुख्य सचिवों को अर्द्धशासकीय पत्र लिखे जाने के भी निर्देश दिये गए। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों का पंजीकरण एवं अन्य आवश्यक कार्यवाही सुरक्षा मानकों की पूर्ण जांच और सत्यापन के बाद ही की जाए। बिना समुचित जांच के किसी भी वाहन का पंजीकरण नहीं किया जाए तथा यात्री सुरक्षा की पूर्ण गारंटी सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थापित निगरानी कैमरों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं उन्हें हर समय चालू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस कॉरिडोर की 15 दिनों के भीतर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। अध्यक्ष एनएचएआई संतोष कुमार ने 15 दिवस में रोड सेफ्टी ऑडिट कर साइनेज में आवश्यक संशोधन करने का आश्वासन दिया साथ ही राजस्थान राज्य द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सदैव तत्परता से सहयोग करने की प्रशंसा की। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने एनएचएआई को हाइवे पर सुविधा क्षेत्रों में पुलिस पोस्ट के लिए जगह उपलब्ध करवाने के लिए नीति बनाने का सुझाव दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि हाई स्पीड से चलने वाले वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जाए। ब्लैक स्पॉट्स पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करने, साइनेज मार्किंग व हाइवे के सुविधा क्षेत्रों में व्यवसायिक वाहन चालकों के लिए किफायती दरों पर भोजन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रत्येक टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, टो-मशीन तथा राज्य सरकार के समन्वय से फायर ब्रिगेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। मुख्य सचिव द्वारा परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग को वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाने, वाहनों के लम्बित चालानों की प्रशमन राशि वसूल करने और सभी बसों के ए.आई.एस. मानको के अनुरूप होने की दुबारा जांच के लिए प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिये गए।
उन्होंने संभागीय आयुक्तों को सभी जिला कलेक्टर्स की बैठक आयोजित कर जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकों की समीक्षा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं।

बैठक में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा,अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता एवं प्रमुख शासन सचिव परिवहन भवानी सिंह देथा ने बालोतरा जिला मुख्यालय से, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर आत्माराम सावंत, शासन सचिव स्वायत शासन विभाग रवि जैन एवं परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा शासन सचिवालय से तथा अध्यक्ष एन.एच.ए.आई. संतोष कुमार यादव और अरूणाचल प्रदेश एवं नागालैण्ड परिवहन विभाग के प्रतिनिधियों और सभी संभागीय आयुक्त, महानिरीक्षक रेंज पुलिस व प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों ने वी.सी. से भाग लिया।
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