Politics News : जयपुर। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के गुरदासपुर से लोकसभा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पंजाब कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान और गुटबाजी की चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में इस बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, मुलाकात के बाद रंधावा ने इन अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी बातचीत पूरी तरह पंजाब की कानून-व्यवस्था, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्रित रही। उन्होंने बताया कि दो महीने पहले उन्होंने इन विषयों को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था और उसी के सिलसिले में यह मुलाकात हुई।
इस बीच, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी रंधावा के समर्थन में सामने आए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सुखजिंदर सिंह रंधावा का परिवार पंजाब के सबसे सम्मानित परिवारों में गिना जाता है। गहलोत ने कहा कि रंधावा के पिता एवं पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष संतोख सिंह रंधावा ने अशांत दौर में भी देश की एकता, अखंडता और उग्रवाद के खिलाफ निर्भीक होकर आवाज उठाई थी।
रंधावा ने मुलाकात पर दी सफाई
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सुखजिंदर सिंह रंधावा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए रंधावा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि रंधावा अपने पिता एवं पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष संतोख सिंह रंधावा की विरासत को आगे बढ़ाते हुए हमेशा देशविरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते रहे हैं। पंजाब के गृह मंत्री रहते हुए भी उन्होंने आतंकवाद और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी।
गहलोत ने कहा कि इसी वजह से रंधावा और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिलती रही हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करता है, तो उसे राजनीतिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है।
विवाद बढ़ने के बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ मीडिया संस्थान उनकी गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात को गलत तरीके से राजनीतिक रूप दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बैठक पहले से तय थी और इसका उद्देश्य केवल पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, आतंकवाद और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर अपनी बात रखना था।



