Tuesday, May 19, 2026
HomeLatest Newsपूर्व सीएम अशोक गहलोत ने की 130वें संविधान संशोधन विधेयक की आलोचना,...

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने की 130वें संविधान संशोधन विधेयक की आलोचना, बोले-‘ये विपक्षी नेताओं की राजनीति समाप्त करने का प्रयास’

Ashok Gehlot: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोकसभा में पेश संविधान (130वां संशोधन) विधेयक की आलोचना करते हुए इसे विपक्षी नेताओं की राजनीति खत्म करने की साजिश बताया। यह विधेयक प्रधानमंत्री, मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को गंभीर अपराधों में 30 दिन की हिरासत पर पद से हटाने का प्रावधान करता है। गहलोत ने इसे अलोकतांत्रिक बताया और सभी दलों से विरोध की अपील की।

Ashok Gehlot: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोकसभा में पेश 130वें संविधान संशोधन विधेयक की आलोचना करते हुए गुरुवार को इसे विपक्षी नेताओं की राजनीति समाप्त करने का प्रयास बताया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसे अलोकतांत्रिक विधेयक का सभी दलों को विरोध करना चाहिए.

लोकसभा में पेश संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 में प्रधानमंत्री, मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को गंभीर अपराध के आरोपों में 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद से हटाने का प्रावधान है. इस विधेयक का विपक्षी सदस्यों ने तीखा विरोध किया और प्रस्तावित कानून को संविधान व संघवाद की भावना के विरुद्ध बताया.

राज्य में सरकार अस्थिर कर जनमत को कुचलने का प्रयास: गहलोत

गहलोत ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘बीते 10 वर्षों में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जिनमें राज्यों में मुख्यमंत्री, मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रहे विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया और कई महीनों तक उनकी जमानत तक नहीं हुई लेकिन सुनवाई के बाद ये नेता निर्दोष साबित हुए. ऐसी गिरफ्तारियों की वजह केवल भाजपा सरकार का राजनीतिक प्रतिशोध था. उन्होंने विधेयक का नाम लिए बिना कहा कि अब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार ऐसा कानून बना रही है जिससे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर रहे नेता को गिरफ्तार कर जेल में डालकर पद से बर्खास्त कर दिया जाएगा. यह न सिर्फ विपक्षी नेताओं की राजनीति समाप्त करने का प्रयास है बल्कि हर राज्य में सरकार अस्थिर कर जनमत को कुचलने एवं भाजपा की सरकार बनाने की चाल भी है.’

‘विधेयक का सभी दलों को करना चाहिए विरोध’

गहलोत ने कहा कि सिर्फ विपक्षी ही नहीं, सत्ता पक्ष के भी ऐसे नेता जो शीर्ष नेतृत्व की इच्छा के अनुरूप काम नहीं करेंगे उन्हें भी ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) व CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) द्वारा गिरफ्तार कर इस कानून के तहत बर्खास्त कर दिया जाएगा, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि भी खराब की जा सके. उन्होंने कहा, ‘ऐसे घोर अलोकतांत्रिक एवं तानाशाही मानसिकता को बढ़ावा देने वाले विधेयक का सभी दलों को विरोध करना चाहिए.’

RGHS योजना को लेकर भजनलाल सरकार पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में राज्य में ‘राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना’ (RGHS) के कार्यान्वयन में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले निजी अस्पतालों व मेडिकल स्टोर ने भुगतान न मिलने पर RGHS योजना में इलाज व दवाएं बंद करने की सूचना दी तो सरकार ने उनसे भुगतान करने का वादा किया, लेकिन भुगतान न होने पर फिर से इलाज बंद किया जा रहा है. राज्य सरकार को गंभीरता से इस योजना को चालू रखने के लिए नीयत और नीति दिखानी चाहिए. हर महीने वेतन से आरजीएचएस का पैसा काटने के बाद भी ऐसी परेशानी आना उचित नहीं है.’

ये भी पढ़ें: Shubhanshu Shukla ने ISS पहुंचने से लेकर वापस लौटने तक का अनुभव किया साझा, बोले-‘भारत आज भी सारे जहां से अच्छा दिखता है’

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
खबरों की दुनिया में हर लफ्ज़ को जिम्मेदारी और जुनून के साथ बुनने वाला। मेरा मानना है कि एक अच्छी खबर केवल सूचना नहीं देती, बल्कि समाज को सोचने, सवाल करने और बदलने की ताकत भी देती है। राजनीति से लेकर मानवता की कहानियों तक, हर विषय पर गहराई से शोध कर निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग करना ही मेरी पहचान है। लेखनी के जरिए सच्चाई को आवाज़ देना मेरा मिशन है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular