FIFA World Cup 2026: घरेलू धरती पर 32 वर्षों बाद खेले जा रहे फीफा विश्व कप में मेजबान अमेरिका ने अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत करते हुए पराग्वे को 4-1 से करारी शिकस्त दी. इस जीत के साथ अमेरिकी टीम ने विश्व कप इतिहास की अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की. इससे पहले उसने इस टूर्नामेंट में कभी 3 से अधिक गोल नहीं किए थे. यही नहीं अमेरिकी टीम ने पहले हाफ में 3 गोल दागे जो विश्व कप में उसका रिकॉर्ड है.
विश्व कप के किसी मैच में पहली बार 4 गोल किए.
क्रिश्चियन पुलिसिच ने पहले हाफ में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दो गोल करने में मदद की. अमेरिका ने शुरू से ही आक्रामक रवैया अपनाया लेकिन उसने खाता आत्मघाती गोल से खोला था. बालोगुन ने 31वें और पहले हाफ के इंजरी टाइम में गोल करके अमेरिका को मध्यांतर तक 3-0 से आगे रखा था. दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के आखिरी क्षणों में जियो रेना ने एक और गोल दागा. इस तरह से अमेरिकी टीम ने विश्व कप के किसी मैच में पहली बार 4 गोल किए.
अमेरिकी टीम ने शानदार खेल दिखाया
अमेरिका ने 4 साल पहले कतर में खेले गए विश्व कप में अपने 4 मैचों में कुल मिलाकर केवल 3 गोल किए थे. नए कोच मॉरीशियो पोचेटीनो के मार्गदर्शन में अलग शैली में खेल रही अमेरिका की टीम ने अपने खेल से स्टेडियम में मौजूद 70,492 दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. पुलिसिच को उनके बाएं पैर की पिंडली के पिछले हिस्से में चोट लगने और उसके बाद कुछ जकड़न महसूस होने के बाद एहतियात के तौर पर हाफ टाइम के बाद मैदान पर नहीं उतारा गया और उनकी जगह सेबेस्टियन बर्हाल्टर ने ली. पराग्वे की तरफ से एकमात्र गोल मॉरीसियो ने 73वें मिनट में किया, लेकिन 16 साल में अपना पहला विश्व कप खेल रही दक्षिण अमेरिका की यह टीम शुरू में पिछड़ने के बाद किसी भी समय वापसी नहीं कर पाई.
1930 के बाद किया ये कारनामा
पुलिसिच के शानदार खेल की बदौलत डेमियन बोबाडिला ने सातवें मिनट में आत्मघाती गोल कर दिया. इसके बाद बालोगुन ने 31वें मिनट में और फिर पहले हाफ के इंजरी टाइम के पांचवें मिनट में गोल दागा. न्यूयॉर्क में जन्मे और लंदन में पले-बढ़े स्ट्राइकर बालोगुन ने विश्व कप में डेब्यू करते हुए 1930 के बाद टूर्नामेंट में किसी अमेरिकी खिलाड़ी द्वारा एक से अधिक गोल करने का कारनामा किया. बालोगुन ने इंग्लैंड की तरफ से खेलने की बजाय 3 साल पहले अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने का विकल्प चुना था. अगर वह इंग्लैंड की तरफ से खेलना चाहते तो हो सकता था कि उन्हें टीम में जगह नहीं मिलती. लेकिन अब वह अमेरिका के फुटबॉल नायक बन गए हैं.
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