नई दिल्ली (प्रज्ञा पांडे)। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के दक्षिणी शहर नजरण स्थित एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला किया है। हूतियों ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि उनका निशाना एयरपोर्ट के भीतर मौजूद एक “संवेदनशील ठिकाना” था। हालांकि, उन्होंने हमले से हुए नुकसान या किसी संभावित हताहत के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की। सऊदी अरब ने फिलहाल इस दावे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। वहीं, किसी स्वतंत्र एजेंसी या अंतरराष्ट्रीय स्रोत ने भी इस हमले की पुष्टि नहीं की है।
क्यों बढ़ा दोनों पक्षों के बीच तनाव?
हाल के दिनों में हूतियों ने आरोप लगाया था कि सऊदी अरब ने यमन की राजधानी सना के एयरपोर्ट को निशाना बनाया था। हूतियों का दावा है कि यह हमला उनके नेताओं की आवाजाही रोकने के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि, सऊदी अरब ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। इसी घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया। हूती पहले ही सऊदी के तेल प्रतिष्ठानों और उससे जुड़े व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दे चुके हैं। इसके जवाब में सऊदी अरब भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अहम समुद्री मार्गों की निगरानी बढ़ाने में जुटा है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी चिंता
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पूरा पश्चिम एशिया पहले से ही बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर सिर्फ सऊदी अरब और यमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि नजरण एयरपोर्ट पर हमले का दावा केवल हूती विद्रोहियों ने किया है। सऊदी अरब की ओर से अभी तक इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है और स्वतंत्र रूप से भी इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है।



