Saturday, June 6, 2026
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E85 फ्यूल हुआ लॉन्च, पेट्रोल से ₹20 सस्ता, जानिए क्या हैं फायदे

E85 Petrol Launch: दिल्ली में 85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल से बने E85 फ्यूल की शुरुआत हुई है। इसकी कीमत ₹82.12 प्रति लीटर है, जो पेट्रोल से करीब ₹20 कम है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने में दिल्ली में पहले E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन का उद्घाटन किया।

E85 Petrol Launch: राजधानी दिल्ली में 85 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित E85 फ्यूल की आधिकारिक तौर पर लॉन्च हो गया है. केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडिय ऑयल कॉर्पोरेशन के पूसा रोड स्थित आउटलेट पर दिल्ली के पहले E85 फ्यूल स्टेशन का उद्घाटन किया. खास बात ये है कि यह पेट्रोल से ₹20 प्रति लीटर सस्ता है. सरकार का कहना है कि यह ईंधन न केवल वाहन चालकों के खर्च को कम करेगा, बल्कि कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता घटाने और प्रदूषण कम करने में भी मददगार साबित होगा.

क्या है E85 फ्यूल?

E85 एक फ्लेक्स-फ्यूल है, जिसमें: 85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाया जाता है. वर्तमान में देश में उपलब्ध E20 पेट्रोल में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है. E85 में एथेनॉल की मात्रा काफी अधिक होने के कारण इसकी लागत कम पड़ती है और यह अपेक्षाकृत पर्यावरण के लिए बेहतर माना जाता है.

कितनी है कीमत?

दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई है. यह मौजूदा E20 पेट्रोल की तुलना में लगभग ₹20 प्रति लीटर सस्ता है, जिससे वाहन चालकों को सीधा फायदा मिलेगा.

किन वाहनों में इस्तेमाल होगा?

E85 केवल उन वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकता है जो फ्लेक्स-फ्यूल इंजन से लैस हों. सामान्य पेट्रोल वाहनों में इस ईंधन का उपयोग करने से इंजन को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए वाहन मालिकों को पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी गाड़ी E85 कम्पैटिबल है या नहीं.

सरकार का क्या है प्लान

सरकार शुरुआती चरण में दिल्ली-NCR, मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में 50 से 100 E85 स्टेशन स्थापित करेगी. और 2026 के अंत तक लगभग 500 स्टेशन, वहीं साल 2027 के अंत तक करीब 5000 आउटलेट देशभर के प्रमुख शहरों में शुरू करना है.

E85 के प्रमुख फायदे

पेट्रोल से सस्ता ईंधन.

कच्चे तेल के आयात में कमी.

किसानों को फायदा, क्योंकि एथेनॉल गन्ना, मक्का और अनाज से बनता है.

कार्बन उत्सर्जन में कमी.

ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती

क्यों बढ़ रहा है एथेनॉल पर जोर?

मध्य पूर्व में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारत का आयात बिल लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में सरकार E22, E25, E27, E30 और भविष्य में E100 (100% एथेनॉल) जैसे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करना चाहती है. E85 फ्यूल इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में भारत के ईंधन बाजार में बड़ा बदलाव ला सकता है.

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Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
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