जयपुर। राजस्थान के डूंगरपुर जिले से सरकारी छात्रावासों की सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाने वाली खबर सामने आई है। शहर के एसबीपी कॉलेज के पीछे स्थित वीर बाला काली बाई सरकारी गर्ल्स हॉस्टल में रात के समय एक युवक के सोने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
मामले की जानकारी मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। हालांकि जांच के दौरान पुलिस के हाथ कोई संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं लगा, लेकिन हॉस्टल के भीतर वायरल फोटो में दिख रही खाट, जाली और अन्य सामान हूबहू पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के आने की भनक लगते ही युवक मौके से फरार हो गया।
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वार्डन का सफाई: “हॉस्टल में रुका व्यक्ति मेरा पति था”
मामले पर जब हॉस्टल वार्डन से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि वायरल फोटो में दिख रहा व्यक्ति कोई बाहरी संदिग्ध नहीं बल्कि उनका पति था। हालांकि, नियम और सुरक्षा के लिहाज से यह बड़ा सवाल बन गया है कि छात्राओं के लिए आरक्षित सरकारी छात्रावास के भीतर किसी पुरुष का रात्रि विश्राम किस आधार पर कराया गया।
CCTV बंद और झाड़ियों में मिली बिना नंबर की बाइक
घटना की निष्पक्ष जांच के लिए जब पुलिस ने हॉस्टल परिसर के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालनी चाही, तो सुरक्षा संबंधी एक और बड़ी लापरवाही उजागर हुई। हॉस्टल के सभी सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए।
इसके अलावा, तलाशी अभियान के दौरान हॉस्टल के पास झाड़ियों में एक बिना नंबर प्लेट की संदिग्ध मोटरसाइकिल खड़ी मिली। जब मौके पर मौजूद किसी भी व्यक्ति ने उस बाइक पर अपना दावा पेश नहीं किया, तो पुलिस ने तुरंत प्रभाव से वाहन को जब्त कर लिया और उसके मालिक की पहचान में जुट गई।
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छात्राओं का फूटा गुस्सा: खाने में कीड़े और पेयजल संकट का आरोप
हंगामे के दौरान हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने प्रशासन के सामने अपना दर्द बयां करते हुए गंभीर आरोप लगाए:
- सफाई व्यवस्था की बदहाली: हॉस्टल में कोई नियमित सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है, जिससे छात्राओं को खुद ही झाड़ू-पोछा करना पड़ता है।
- अमानवीय भोजन: छात्राओं का आरोप है कि उन्हें दी जाने वाली रोटियां कीड़े लगे आटे से तैयार की जाती हैं। दाल पानी जैसी पतली होती है और हरी सब्जियां लगभग न के बराबर मिलती हैं।
- दूषित पेयजल और जर्जर भवन: परिसर में पीने के पानी में भारी फ्लोराइड है, जिससे उन्हें पानी के लिए बाहर भटकना पड़ता है। पूरे भवन की दीवारों में सीलन भरी है और इमारत जर्जर अवस्था में है।
फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए सुरक्षा में हुई चूक और हॉस्टल की बदहाली की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।



