Wednesday, August 19, 2026
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निकाय चुनाव में 50% से ज्यादा टिकट Gen-Z को दे कांग्रेस: गहलोत की पार्टी को बड़ी सलाह, कहा- सिफारिश नहीं, योग्यता बने आधार

राजस्थान निकाय चुनावों को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है। गहलोत ने कांग्रेस को 50 फीसदी से ज्यादा टिकट 'जेन-जी' यानी युवाओं को देने की सलाह दी है। जानिए गहलोत के इस बयान के पीछे की रणनीति और बीजेपी पर उनके हमले की पूरी जानकारी।

जयपुर: राजस्थान में जल्द होने वाले शहरी निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक बिसात बिछने लगी है। इस बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने पार्टी के टिकट वितरण को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। गहलोत का कहना है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को 50 प्रतिशत से अधिक टिकट ‘जेन-जी’ (Gen-Z) यानी युवा उम्मीदवारों को देने चाहिए। जयपुर में स्थानीय निकाय चुनावों की चुनावी रणनीति को लेकर आयोजित कांग्रेस की अहम बैठक में शामिल होने के बाद गहलोत ने मीडिया से बातचीत में यह बात कही।

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“देश में जमाना बदल रहा है, नई पीढ़ी को मिले मौका”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश भर में पीढ़ीगत बदलाव का दौर चल रहा है और नई पीढ़ी तेजी से राजनीति और समाज के अग्रिम मोर्चे पर आ रही है। उन्होंने कहा, “मैंने पार्टी बैठक में स्पष्ट रूप से कहा है कि 50% से अधिक टिकट युवाओं और जेन-जी को मिलने चाहिए। जेन-जी के आने के बाद पूरे देश का परिदृश्य बदल रहा है। हालांकि, वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ भी लिया जाना चाहिए, लेकिन युवा पीढ़ी की भूमिका और उनके महत्व को बिल्कुल नकारा नहीं जा सकता।”

गहलोत ने जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए युवाओं के आंदोलनों और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व का उदाहरण देते हुए कहा कि ये घटनाएं स्पष्ट संकेत देती हैं कि राजनीति में युवाओं की भागीदारी अब अनिवार्य हो चुकी है।

“सिफारिश पर एक भी टिकट नहीं, मेरी सिफारिश भी न मानी जाए”

टिकट आवंटन में पारदर्शिता पर जोर देते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि प्रत्याशियों का चयन पूरी तरह से योग्यता और धरातल से मिले फीडबैक के आधार पर होना चाहिए।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा भेजे जाने वाले पर्यवेक्षकों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फैसला लेने की छूट मिलनी चाहिए। “सिफारिश के आधार पर एक भी टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। उम्मीदवार सिर्फ और सिर्फ पार्टी के सच्चे और समर्पित कार्यकर्ता को ही बनाया जाए। यहां तक कि अगर मैं भी किसी नाम की सिफारिश करूं, तो उसे भी खारिज कर दिया जाए, क्योंकि शीर्ष नेताओं को धरातल की पूरी स्थिति की सटीक जानकारी नहीं होती।”

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बीजेपी सरकार पर साधा निशाना, योजनाओं को बंद करने का आरोप

निकाय चुनावों में कांग्रेस की एकतरफा जीत का दावा करते हुए अशोक गहलोत ने वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर जमकर हमला बोला। गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रदेश की बीजेपी सरकार के प्रति आम जनता में भारी आक्रोश है।

उन्होंने आरोप लगाया:

  • पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई शहरी रोजगार गारंटी योजना (इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना) को मौजूदा सरकार ने या तो बंद कर दिया या कमजोर बना दिया।
  • शहरों के विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए मिलने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फंड को रोक दिया गया है।
  • पिछली सरकार ने 12 लाख से अधिक पट्टे वितरित कर शहरी गरीबों को राहत दी थी, जबकि वर्तमान सरकार शहरी विकास की अनदेखी कर रही है।

गहलोत ने कहा कि बैठक में सभी विधायकों, सांसदों, जिलाध्यक्षों और ब्लॉक कमेटियों को एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने के निर्देश दिए गए हैं।

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