नई दिल्ली। चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर तटीय इलाकों में चिंता बढ़ गई है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका के बीच प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, यानम और आसपास के इलाकों में तूफान का असर दिखाई देने की खबर है। वहीं, चक्रवात की आशंका के चलते हवाई और रेल यातायात भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं हवाएं
मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच चक्रवात के तट से टकराने की आशंका जताई गई है। तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि तेज झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना बताई गई है। पुडुचेरी के यानम क्षेत्र में तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ने और राष्ट्रीय राजमार्ग NH-216 के पास नुकसान होने की खबर है। पश्चिम बंगाल के दीघा समुद्र तट पर भी ऊंची लहरें उठने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की जानकारी सामने आई है। तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से तूफान के दौरान घरों में रहने और समुद्र तटों सहित संवेदनशील इलाकों की यात्रा से बचने की अपील की है।
21 फ्लाइट्स और 50 ट्रेनें रद्द होने की खबर
चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए हवाई और रेल सेवाओं के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 21 उड़ानें और 50 ट्रेनें रद्द की गई हैं। कई अन्य उड़ानों में देरी की आशंका भी जताई गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइन और रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से अपनी यात्रा की स्थिति की पुष्टि करने के बाद ही घर से निकलें।
रेलवे ने लागू किए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल
चक्रवात की आशंका के बीच रेलवे ने यात्री सुरक्षा और रेल परिचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तैयारियों की समीक्षा की है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 600 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम रेल मंडलों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। हवा की गति और जलस्तर की नियमित निगरानी के लिए भी व्यवस्था की गई है। रेलवे बोर्ड से लेकर मंडल स्तर तक 24 घंटे सक्रिय वॉर रूम बनाए रखने और आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत संसाधन तैयार रखने की जानकारी दी गई है।
पावर यूनिट और एंबुलेंस अलर्ट मोड पर
आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए राहत एवं मरम्मत सामग्री से लैस वैगन तैयार रखे गए हैं। इसके साथ ही डीजल इंजन, पावर यूनिट और एंबुलेंस को भी अलर्ट मोड पर रखने की बात कही गई है। रेलवे प्रशासन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
प्रशासन की लोगों से अपील
संभावित खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।



