जयपुर। मुहाना थाने में हिरासत में मौत पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की भूमिका पर कार्रवाई की मांग की जा रही है। राजस्थान में हिरासत के दौरान मौतों के बढ़ते मामलों को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मामले में सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में वर्ष 2024-25 में हिरासत में मौत के 9 मामले सामने आए, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 18 हो गई। इस तरह एक साल में आंकड़ा दोगुना हो गया। वर्ष 2025-26 में राजस्थान देश में हिरासत में मौतों के मामले में दूसरे स्थान पर रहा।
अशोक गहलोत ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक किशोर के जन्म प्रमाण पत्र में उसकी उम्र 16 साल 9 महीने दर्ज थी। आरोप है कि उसे बिना मुकदमा दर्ज किए थाने में रखा गया। किशोर न्याय कानून के तहत नाबालिगों के साथ निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। ऐसे में किशोर को थाने में रखने की परिस्थितियों की जांच की मांग उठ रही है।
इसी बीच जयपुर के मुहाना थाने में रखे गए नाबालिग किशोर की मौत का मामला चर्चा में है। घटना के चार दिन बाद भी जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।
मामले में चश्मदीदों ने किशोर के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। आरोपों के मुताबिक, बाद में उसे दूसरे नाम से एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और सांप के काटने की बात कही गई। उसे एंटीवेनम के 10 इंजेक्शन लगाए गए, जबकि शरीर पर सांप के काटने का निशान नहीं मिलने की बात सामने आई। सीटी स्कैन में दिमाग में गंभीर चोट का पता चला। इसके बाद किशोर ने 13 दिन बाद दम तोड़ दिया।
राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए आईजी की टीम से जांच कराने और संबंधित थाने के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। अब जांच में किशोर की चोटों, अस्पताल में उपचार और सांप के काटने के दावे की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
मामले को लेकर अशोक गहलोत ने सरकार से एफआईआर दर्ज करने, संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल हटाने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।



