Cockroach Janata Party Protest: परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन को शनिवार को 7 दिन पूरे हो गए. इस बीच, आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा है कि वांगचुक का करीब 5 किलोग्राम वजन कम हो गया है और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है.
‘प्रधानमंत्री मोदी के लिए धर्मेंद्र प्रधान इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं?’
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि हर गुजरते दिन के साथ वांगचुक की सेहत बिगड़ती जा रही है. उन्होंने केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग दोहराते हुए सवाल उठाया कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के लिए प्रधानमंत्री और कितना समय लेंगे? उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के लिए धर्मेंद्र प्रधान इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कि 20 विद्यार्थियों की मौत के बावजूद वह अब भी उन्हें नहीं हटा रहे?’
Sonam Sir has lost 5 kg, and his health is deteriorating with each passing day. How much longer will the Prime Minister wait before sacking Dharmendra Pradhan?
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 4, 2026
Why is Dharmendra Pradhan so important to PM Modi that, despite the deaths of 20 students, he still refuses to remove… pic.twitter.com/Zf0YdzPh0H
‘वांगचुक के साथ कुछ भी गलत हुआ तो केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी’
दीपके ने एक दूसरी पोस्ट में कहा कि यदि सोनम वांगचुक के साथ कुछ भी गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी. उन्होंने एक व्यंग्यात्मक कार्टून भी शेयर किया, जिसमें एक व्यक्ति उन कागजों को खाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है जिन पर ‘परीक्षा पत्र’ लिखा है और दो कॉकरोच उसे रोक रहे हैं. उन्होंने कार्टून साझा करते हुए लिखा, ‘धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ.’
किस मांग को लेकर हो रहा प्रदर्शन ?
यह आंदोलन 20 जून से शुरू हुआ था. प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है.
इस बीच, सोनम वांगचुक ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार और क्षेत्र के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में प्रगति का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि अब सरकार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में भी गंभीरता से कदम उठाने चाहिए.
उधर, जंतर-मंतर पर ही ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) से जुड़े 6 छात्र भी अलग मंच से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हुए हैं. छात्र संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
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