Rajasthan Monsoon 2026: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मानसून को देखते हुए प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहे. उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में आमजन को असुविधा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के मद्देनजर सभी आवश्यक कार्यों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाए तथा बारिश उपरांत सड़क मरम्मत सहित किए जाने वाले कार्यों की कार्ययोजना तैयार की जाए.

नालों की सफाई और जल निकासी पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री गुरुवार को मानसून के मद्देनजर की जा रही तैयारियों एवं वर्षा उपरांत सड़क मरम्मत कार्यों को लेकर बैठक ले रहे थे. उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में नालों की शत-प्रतिशत सफाई सुनिश्चित की जाए तथा कहीं भी नाले अवरुद्ध नहीं रहने चाहिए, ताकि जल निकासी में बाधा अथवा ओवरफ्लो के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त होने की स्थिति नहीं बने. उन्होंने राजकीय भवनों की छतों पर बने जल निकासी नालों की सफाई भी समय पर कराने के निर्देश दिए, जिससे जलभराव के कारण भवनों को नुकसान न पहुंचे और मौसमी बीमारियों का खतरा भी कम हो.
अस्पतालों में दवाओं और आपात व्यवस्था के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली जाएं. उन्होंने अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और स्वास्थ्य संसाधनों को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए.

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
भजनलाल शर्मा ने सभी विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि मानसून से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आपदा राहत कार्यों को अलर्ट मोड पर संचालित करने तथा सभी नियंत्रण कक्षों के सुचारू संचालन के भी निर्देश दिए.
बांधों और जल संरक्षण पर दीर्घकालिक योजना
बैठक में मुख्यमंत्री ने आपदा एवं बाढ़ प्रबंधन, बांधों की जलभराव स्थिति और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत की तैयारियों की भी समीक्षा की. उन्होंने पेयजल से जुड़े सभी बांधों का सूचीकरण करने और ओवरफ्लो होने वाले पानी के अधिकतम उपयोग के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि वर्षा का पानी व्यर्थ नहीं बहना चाहिए और उसका अधिकतम उपयोग जल संरक्षण तथा भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाना चाहिए. बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
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