Shashi Tharoor statement : नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि थरूर ने बातचीत के दौरान कांग्रेस को “महिला विरोधी” बताया था। थरूर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई बयान न तो दिया और न ही इसका संकेत किया। उन्होंने कहा कि उनके पास इस बातचीत के सात गवाह मौजूद हैं, जो इस बात की पुष्टि कर सकते हैं।

कांग्रेस का रुख स्पष्ट—हमेशा महिला अधिकारों के पक्ष में : थरूर
दरअसल, संसदीय कार्य मंत्री रीजीजू ने कहा है कि महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा से पारित नहीं होने के बाद थरूर ने उनसे बातचीत में कहा था कि कांग्रेस ‘‘महिला विरोधी’’ हो सकती है, लेकिन उन्हें भला कोई महिला विरोधी कैसे कह सकता है।
उनके इस दावे को लेकर थरूर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, मुझे खेद है, लेकिन किरेन रीजीजू के प्रति अत्यंत सम्मान के साथ कहना चाहता हूं कि मैंने कभी भी ऐसी कोई बात नहीं कही या इसका संकेत नहीं दिया और मेरे पास तस्वीर में सात लोग गवाह के रूप में मौजूद हैं, जो इसकी पुष्टि कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सोनिया गांधी जैसी मजबूत महिला नेता के नेतृत्व में कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों और महिला आरक्षण के लिए खड़ी रही और महिला आरक्षण विधेयक की शुरुआत की। यह विधेयक कांग्रेस की सरकार के समय राज्यसभा में पारित हुआ था। वर्ष 2023 में यह विधेयक फिर से लाए जाने पर भी कांग्रेस ने संसद में इसका समर्थन किया था।’’
बिना परिसीमन के लागू करने की मांग
तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य, हम पूरी तरह से महिला आरक्षण के पक्ष में हैं और परिसीमन से जोड़े बिना इसे अभी लागू करने के लिए तैयार हैं। थरूर ने 18 अप्रैल को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री के साथ अपनी बातचीत का एक अंश साझा किया था और कहा था कि भाजपा नेता ने स्वीकार किया कि कोई भी उन्हें (थरूर को) कभी भी महिला विरोधी नहीं कह सकता।



