Wednesday, May 27, 2026
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CBSE OSM विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोले- 18.5 लाख छात्रों का भविष्य ‘साजिश’ के हवाले किया गया

राहुल गांधी ने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर बड़ा हमला बोलते हुए स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी गठन की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विवादित कंपनी COEMPT, जो पहले ग्लोबरेना नाम से तेलंगाना में भी विवादों में रह चुकी है, उसे नियमों को दरकिनार कर ठेका दिया गया। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई, जबकि सीबीएसई ने सभी शिकायतों की जांच का भरोसा दिया है।

Rahul Gandhi CBSE OSM Row : नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर चल रहे विवाद पर केंद्र सरकार और बोर्ड पर बड़ा हमला बोला है। बुधवार को उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच और विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग करते हुए सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कंपनी को ठेका क्यों दिया गया, जिसका तेलंगाना में पहले से विवादित और संदिग्ध रिकॉर्ड रहा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जिस कंपनी को सीबीएसई की परीक्षा प्रक्रिया में शामिल किया गया, उसका नाम पहले भी तेलंगाना बोर्ड परीक्षा विवादों में सामने आ चुका है।

राहुल गांधी ने बोला केंद्र सरकार पर हमला

केंद्र सरकार पर अपना हमला तेज करते हुए गांधी ने कहा कि सीबीएसई के छात्र और उनके माता-पिता परेशान हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। सोशल मीडिया पर डाले गए एक वीडियो में गांधी ने कहा कि सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षा के बारे में अविश्वसनीय विवरण सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा, परीक्षा के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) करने वाली सीओईएमपीटी वास्तव में ग्लोबरेना नाम की कंपनी थी। ग्लोबरेना ने पहले भी तेलंगाना में यह घोटाला दो बार किया है। एक बार 2019 में तेलंगाना की बोर्ड परीक्षा में और उसके बाद फिर 2023 में। इन्हीं ओएसएम-आधारित त्रुटियों के कारण तेलंगाना में 23 युवाओं ने आत्महत्या की। उन्होंने कहा, यह सब जानकारी सार्वजनिक थी। यह सभी को पता था, फिर भी किसी गोपनीय कारण से सीबीएसई ने वही कंपनी फिर से चुन ली। हमें यह पता लगाने में 30 सेकेंड लगे कि इस कंपनी का पहले कोई और नाम था। मुझे पूरा विश्वास है कि सीबीएसई और भारत सरकार के लोग इस कंपनी की पृष्ठभूमि से अवगत थे। उन्होंने सीबीएसई के छात्रों और उनके माता-पिता से अपील की कि वे उनका वीडियो साझा करें और उनके द्वारा उठाए गए सवाल सरकार और प्रधानमंत्री से पूछें।

सीओईएमपीटी को सीबीएसई का ठेका किसने और क्यों दिया : राहुल

गांधी ने कहा, पहला, सीओईएमपीटी को सीबीएसई का ठेका किसने और क्यों दिया? दूसरा, कौन-सी प्रक्रियाएं दरकिनार करके सीओईएमपीटी को यह ठेका दिया गया? अगर हम 30 सेकेंड में यह पता लगा सकते हैं कि इस कंपनी का पहले कोई दूसरा नाम था, तो सीबीएसई यह क्यों नहीं पता लगा सकी और कोई पृष्ठभूमि जांच क्यों नहीं की गई? तीसरा, और सबसे महत्वपूर्ण—सीओईएमपीटी के प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच सटीक संबंध क्या है। गांधी ने कहा कि इस “घोटाले” के पीछे असली दोषियों का पता लगाने के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक और एसआईटी जांच आवश्यक है।

18.5 लाख छात्रों का भविष्य के साथ खिलवाड़: राहुल

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘और (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी? हमेशा की तरह – न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म!’’ उन्होंने दावा किया कि जिस कंपनी सीओईएमपीटी को यह जिम्मेदारी मिली, वह पहले ‘ग्लोबरीना’ के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है। उन्होंने कहा कि नाम बदला लेकिन नीयत वही और फितरत वही रही। गांधी ने दावा किया कि इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा। उन्होंने कहा, यह गलती नहीं – यह सोचा-समझा षड़यंत्र है। गांधी ने सरकार से पूछा, ‘‘कुछ जरूरी सवाल हैं: सीओईएमपीटी को सीबीएसई का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया? कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को यह ठेका दिया गया’’ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी का गठन तत्काल किया जाए।’’

गांधी ने कहा, सीबीएसई के जेन जेड साथियों- आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने न्यायिक जांच और एसआईटी गठन की मांग करते हुए एक वीडियो बयान भी जारी किया। कांग्रेस ने बुधवार को सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि ‘‘मंत्री प्रधान का अपने पद से चिपके रहना’’ तथा ‘‘प्रधानमंत्री द्वारा उनका बचाव किया जाना शर्मनाक है।’’ विपक्षी दल ने एक बार फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग दोहरायी। यह विवाद तब बढ़ गया जब 12वीं कक्षा के कुछ विद्यार्थियों ने अंकन में गड़बड़ी के आरोप लगाए तथा यह दावा किया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं। इससे ओएसएम प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं की संभावित अदला-बदली को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं। सीबीएसई सूत्रों ने कहा कि बोर्ड सभी शिकायतों की सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर जांच कर रहा है।

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Mukesh Kumar
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