Twisha Sharma Case : भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की संदिग्ध मौत मामले में बड़ा कदम उठाते हुए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने की सिफारिश की है। इस मामले ने पिछले कुछ दिनों में प्रदेशभर में काफी सुर्खियां बटोरी हैं और अब सरकार ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच की अनुशंसा की है।
सीबीआई करेंगी त्विषा शर्मा मौत की जांच
अधिकारियों के मुताबिक, मध्यप्रदेश गृह विभाग ने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम के तहत सीबीआई को जांच सौंपने के लिए राज्य की सहमति दे दी है। सरकार का मानना है कि मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते विवाद को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच कराना जरूरी है। गौरतलब है कि पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा पिछले सप्ताह भोपाल स्थित अपने ससुराल में फांसी पर लटकी मिली थीं। इस घटना के बाद परिवार ने दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला लगातार तूल पकड़ता गया।

त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थी। उसके परिवार ने उसके ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया, जबकि सिंह परिवार ने दावा किया कि वह ड्रग्स की आदी थी। पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास व पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (2), 85 और 3 (5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने फरार पति समर्थ की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 30,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। इस बीच, इस मामले को लेकर मॉडल से अभिनेत्री बनी अभिनेत्री त्विषा शर्मा और पति समर्थ सिंह के परिवारों के बीच कानूनी लड़ाई भी छिड़ गई है। दोनों पक्षों ने इस मामले में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का रुख किया। समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत मांगी है, जबकि त्विषा के परिवार ने उनकी मां गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने का फैसला किया है। गिरिबाला सिंह एक सेवानिवृत्त जिला और सत्र न्यायाधीश और भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की वर्तमान अध्यक्ष हैं।

मप्र उच्च न्यायालय ने त्विषा के शव के दोबारा पोस्टमार्टम को दी मंजूरी
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह अपने ससुराल में फांसी पर लटकी मिली पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने की उसके परिजनों की मांग को स्वीकार कर लिया। अदालत ने साथ ही निर्देश दिया कि दूसरा पोस्टमार्टम राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों की एक टीम द्वारा भोपाल में किया जाए। अदालत ने त्विषा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा की याचिका पर यह आदेश दिया है। त्विषा के परिजनों के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उच्च न्यायालय ने त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा की याचिका को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से एम्स दिल्ली से डॉक्टरों की टीम लाने की व्यवस्था करने को कहा है। उन्होंने कहा कि अदालत ने एम्स के निदेशक को जल्द से जल्द विशेषज्ञों की एक टीम गठित करने के लिए भी कहा है। मामले में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उन डॉक्टरों की क्षमता पर संदेह नहीं कर रही है जिन्होंने पहले पोस्टमॉर्टम किया था।
त्विषा के परिजनों की ओर से दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए दायर की गई इस याचिका में पहले पोस्टमार्टम को चुनौती दी गई थी और कहा गया कि इसकी रिपोर्ट में बहुत सारी खामियां हैं। ज्ञात हो कि दो दिन पहले भोपाल की एक अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग वाली त्विषा के परिजनों की याचिका को खारिज कर दिया था। त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थी। उसके परिवार ने उसके ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया, जबकि सिंह परिवार ने दावा किया कि त्विषा नशीली दवाओं की आदी थी। पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास व पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (2), 85 और 3 (5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
त्विषा के शव का 13 मई को राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पोस्टमार्टम हुआ था और तभी से शव वहां के शवगृह में रखा हुआ है। नोएडा निवासी त्विषा के परिजन दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की लगातार मांग कर रहे हैं। भोपाल पुलिस ने पिछले दिनों त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा को पत्र लिखकर कहा था कि मृतका के शव का 13 मई को पोस्टमार्टम हुआ और वर्तमान में वह भोपाल स्थित एम्स के शवगृह में शून्य से नीचे चार डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा हुआ है। पुलिस ने एम्स के एक पत्र का हवाला देते हुए कहा था कि शव को सड़ने से बचाने के लिए शून्य से नीचे 80 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जाना चाहिए और यह सुविधा एम्स भोपाल में नहीं है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने बुधवार को अपने आदेश में कहा था कि पुलिस को एक पत्र जारी किया जाए, जिसमें उन्हें निर्देश दिया जाए कि वे मध्यप्रदेश में कम तापमान वाली संरक्षण सुविधा के बारे में तुरंत जानकारी प्राप्त करें और बिना किसी देरी के तुरंत अदालत में इस संबंध में एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करें।



