BJP vs RJD Bihar politics : पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जनता दल (यू) के नेता नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए मजबूर किया, ताकि उन्हें राजनीतिक रूप से खत्म किया जा सके। विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत हुआ है। उन्होंने मौजूदा सरकार और भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के लिए राजनीतिक संतुलन को नजरअंदाज किया गया।
हमें पहले से पता था कि भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं रहने देगी : तेजस्वी यादव
यादव ने कहा, हमें पहले से पता था कि भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं रहने देगी। भाजपा लगातार कहती रही कि 2030 तक नीतीश कुमार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेता रहेंगे, लेकिन अब उसने उन्हें समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा, किसी भी राज्य को राजनीतिक स्थिरता की आवश्यकता होती है, लेकिन बिहार की स्थिति अलग है। यहां पांच वर्षों में पांच सरकारें देखी गई हैं। तेजस्वी का संकेत उस अवधि की ओर था, जिसमें जद(यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार राजग में आते-जाते रहे।
भाजपा के भीतर असंतोष का संकेत देने का प्रयास करते हुए तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी के शुरुआती राजनीतिक जीवन का उल्लेख किया, जब वह राजद में थे।उन्होंने कहा, मुझे सम्राट चौधरी के लिए प्रसन्नता है, जो राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पाठशाला से निकले हैं। लेकिन उन्हें भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में गहरी जड़ें रखने वाले उन लोगों से सावधान रहना चाहिए, जो उनके उभार से नाराज हैं।
राजद नेता ने सम्राट चौधरी के पिता शकुनि चौधरी के एक पुराने चुनावी भाषण का भी उल्लेख किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, शकुनि चौधरी ने नरेन्द्र मोदी को जीवित दफनाने की धमकी दी थी। प्रतीत होता है कि इससे भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भयभीत हो गया और उन्हें शांत करने के लिए उनके पुत्र को मुख्यमंत्री बना दिया। तेजस्वी यादव ने महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर जारी बहस का भी उल्लेख करते हुए कहा कि आरक्षण इस प्रकार लागू किया जाना चाहिए, जिससे वंचित जातियों की महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।



