Bihar Bandh: पटना। नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में 25 जुलाई को वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद बिहार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, राज्यभर में बंद को जबरन लागू कराने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसक गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें बड़ी संख्या में छात्र और नाबालिग भी शामिल थे।
91 पुलिसकर्मी समेत कई घायल
पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए 694 लोगों में से 339 नाबालिगों और छात्रों का आयु सत्यापन करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं, शेष 355 लोगों के खिलाफ हिंसा, तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में संबंधित अदालतों में कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस मुख्यालय ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान हालात कई जगह हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने 13 सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की, जबकि एक अन्य सरकारी वाहन में आग लगा दी।

इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे 91 पुलिसकर्मी और कई वरिष्ठ अधिकारी घायल हुए। इसके अलावा 13 आम नागरिक भी हिंसा की चपेट में आए।घायलों में सिवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी), सिवान और सीतामढ़ी के एक-एक अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) भी शामिल हैं। वहीं, सारण जिले में दो प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक अधिकारी की एक आंख की रोशनी चली गई, जबकि दूसरे के सिर में गंभीर चोट आई है।
पुलिस के अनुसार, दोनों बीडीओ का पटना के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है और उनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। मामले में आगे की जांच जारी है और हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।



