Commonwealth Games : ग्लास्गो। एशियाई चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव ने राष्ट्रमंडल खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा में महिलाओं के 53 किलो वर्ग में सोमवार को रजत पदक जीता। ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो समेत कुल 199 किलो वजन उठाया। नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला ने 206 किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 93 किलो और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वजन उठाया।कनाडा की रेबेका ग्राउल ने 178 किलो वजन उठाकर कांस्य पदक जीता।
इन खिलाड़ियों ने किया देश का नाम रोशन
राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। रविवार को स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने दमदार प्रदर्शन करते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। वहीं, ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने शानदार खेल दिखाकर रजत पदक अपने नाम किए और देश का गौरव बढ़ाया। भारत का पहला पदक पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने दिलाया, जिन्होंने पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में 190 किलोग्राम वजन उठाकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
मामूली अंतर से चूकीं प्रतिष्ठा सामंता, राष्ट्रमंडल खेलों में छठे स्थान पर रहीं
भारतीय जिम्नास्ट प्रतिष्ठा सामंता ने राष्ट्रमंडल खेलों की महिलाओं की वॉल्ट स्पर्धा के फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गईं। क्वालिफिकेशन में सातवें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचीं प्रतिष्ठा ने पहले प्रयास में 12.700 और दूसरे प्रयास में 12.666 अंक हासिल किए। दोनों प्रयासों का औसत स्कोर 12.683 रहा, जिससे वह छठे स्थान पर रहीं। उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा, लेकिन टॉप-3 में जगह बनाने के लिए यह स्कोर पर्याप्त नहीं था। इसके बावजूद प्रतिष्ठा ने अपनी प्रतिभा और संघर्ष से भारतीय जिम्नास्टिक का भविष्य उज्ज्वल होने का संकेत दिया।



