Jat Hunkar Rally Bharatpur: राजस्थान के भरतपुर, डीग और धौलपुर जिलों के जाटों को केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर सोमवार को भरतपुर में विशाल जाट आरक्षण हुंकार महारैली का आयोजन किया गया. रैली में बड़ी संख्या में जाट समाज के लोग शामिल हुए. इस दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख हनुमान बेनीवाल, भरतपुर सांसद संजना जाटव सहित कई जनप्रतिनिधि और समाज के प्रमुख लोग मौजूद रहे. हनुमान बेनीवाल ने रैली को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर जाट समाज की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया.
हनुमान बेनीवाल ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बेनीवाल ने चेतावनी भी दी कि यदि क्षेत्र के जाटों को OBC सूची में शामिल करने की लंबित मांग को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि समाज अब निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर दिल्ली कूच भी किया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इन जिलों के जाटों को ओबीसी आरक्षण का लाभ देने की प्रक्रिया को जानबूझकर लंबित रखे हुए है.
वहीं भरतपुर सांसद संजना जाटव ने भी रैली में जाट आरक्षण की मांग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान जाट समाज ने उनसे यह मुद्दा संसद में उठाने का आग्रह किया था और उन्होंने सदन में यह मांग प्रमुखता से रखी है. संजना जाटव ने कहा कि राजस्थान के अन्य जिलों की तरह भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाटों को भी केंद्र सरकार की ओबीसी सूची में शामिल किया जाना चाहिए ताकि क्षेत्र के युवाओं को समान अवसर मिल सकें.
बीजेपी विधायक भी हुए शामिल
रैली में भाजपा विधायक शैलेश सिंह और जगत सिंह भी शामिल हुए। दोनों नेताओं ने जाट समाज की मांग का समर्थन करते हुए सरकार से इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की. रैली से पहले जाट समाज के प्रतिनिधियों ने गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया. लोगों को पीले चावल देकर महारैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था. समाज के नेताओं ने बताया कि आंदोलन को आगे और मजबूत करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई है। इसमें जरूरत पड़ने पर सड़क और रेल मार्ग अवरुद्ध करने जैसे कदमों पर भी विचार किया जा सकता है.
2014 से केंद्र की OBC सूची में शामिल करने की मांग
गौरतलब है कि भरतपुर, डीग और धौलपुर के जाट वर्ष 2014 से केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं. वर्तमान में राजस्थान के अन्य जिलों के जाटों को केंद्र स्तर पर ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलता है, जबकि इन तीन जिलों के जाट इस सुविधा से वंचित हैं.
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