E20 Petrol Protest : नागपुर। ई-20 ईंधन के मुद्दे पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को नागपुर में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) के आवास का घेराव करने के लिए मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने ई-20 ईंधन की उपयोगिता और वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। जिसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। यह ‘मोर्चा’ शहर के महाल स्थित चितनवीस पार्क चौक से गडकरी के निजी आवास तक निकाला गया। इस दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ई-20 ईंधन की व्यावहारिक उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की।
E20 पेट्रोल के खिलाफ युवा कांग्रेस का प्रदर्शन
केंद्रीय मंत्री के आवास के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और रास्ते में अवरोधक लगाए गए थे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने के लिए अवरोधक पार करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस ई-20 ईंधन के मुद्दे पर नितिन गडकरी को लगातार निशाने पर ले रही है।
पार्टी का कहना था कि 29 जुलाई को संसद में ई20 पेट्रोल के देशव्यापी क्रियान्वयन पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दिए गए जवाब से समाधान की बजाय और अधिक सवाल खड़े हुए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि गडकरी का दावा है कि वर्षों तक वैज्ञानिक परीक्षण करने के बाद ही ई-20 पेट्रोल लागू किया गया है और इससे वाहनों को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं है।
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, लेकिन पिछले कई महीनों से देशभर के उपभोक्ता और मैकेनिक माइलेज, इंजन के प्रदर्शन में गिरावट, वाहनों पर ई20 के दीर्घकालिक प्रभाव, इंजन की अनुकूलता, ठंडे मौसम में स्टार्ट होने में दिक्कत, 2023 से पहले बने वाहनों में तेजी से घिसावट, पुराने वाहनों में फ्यूल इंजेक्टर जाम होने, ईंधन पाइपों में जंग लगने तथा रबर के पुर्जों में दरार आने जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं।



