मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शन किया। पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद प्रदर्शन हुआ। इसमें अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, संगीतकार विशाल ददलानी और फिल्ममेकर विशाल भारद्वाज समेत कई फिल्मी हस्तियां पहुंचीं।
नसीरुद्दीन शाह ने अभिजीत दीपके को लगाया गले
प्रदर्शन के दौरान नसीरुद्दीन शाह ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात की। दोनों के गले मिलने और बातचीत का वीडियो दीपके ने सोशल मीडिया पर शेयर किया।वीडियो में नसीरुद्दीन शाह दीपके से कहते नजर आए कि वह उन्हें धन्यवाद देना चाहते हैं। दीपके ने भी अभिनेता के प्रति अपनी प्रशंसा जाहिर की। शाह ने उनसे अपना काम जारी रखने की बात कही।
शबाना आजमी भी प्रदर्शन में पहुंचीं
अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी शिवाजी पार्क पहुंचकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों और अपनी आवाज उठाने के अधिकार पर बात की। प्रदर्शन में फिल्म इंडस्ट्री से कई अन्य लोग भी नजर आए।
विशाल ददलानी और विशाल भारद्वाज भी शामिल
गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और अभिजीत दीपके से मुलाकात की। वहीं फिल्ममेकर विशाल भारद्वाज अपनी पत्नी के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।
जब विशाल भारद्वाज से पूछा गया कि क्या बॉलीवुड के दूसरे कलाकारों को भी इस मुद्दे पर समर्थन देना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि यह हर व्यक्ति की अपनी इच्छा है। उनके मुताबिक, जिसे लगता है कि कुछ गलत हो रहा है, वह समर्थन में आ सकता है और जिसे ऐसा नहीं लगता, वह न आए।
CJP ने क्यों किया प्रदर्शन?
CJP का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। संगठन ने SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को मुद्दा बनाया है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में हुए बदलावों पर सवाल उठाए।
इस विवाद की पृष्ठभूमि में द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट भी है, जिसमें दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को स्वीकार करते हुए कहा है कि SIR से जुड़े फैसले आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा थे और बाद में आयोग ने कहा कि संबंधित फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
SIR के दौरान बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से हटाए जाने को लेकर राजनीतिक दलों और नागरिक समूहों ने सवाल उठाए हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटे थे। हालांकि, इन नामों को हटाया जाना अपने आप में सभी लोगों को स्थायी रूप से मतदान से बाहर करना नहीं माना जा सकता, क्योंकि प्रक्रिया में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने तथा पात्र लोगों को दोबारा शामिल करने के प्रावधान हैं। इसी बीच चुनाव आयोग ने SIR पूरी हो चुके राज्यों में छूटे हुए पात्र मतदाताओं और नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश भी दिया है। प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और विशाल ददलानी जैसे कलाकारों की मौजूदगी ने इसे खासा चर्चा में ला दिया।



