Ashok Gehlot: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. जब उनसे पूछा गया कि अब आप राजस्थान में ही राजनीति करेंगे या दिल्ली जाएंगे. तो उन्होंने साफ कहा कि मैंने पहले भी कहा है और आज फिर दोहराता हूं- ‘मैं थांसू दूर नहीं’ (मैं आपसे दूर नहीं हूं). अब मैं चाहे लंदन जाऊं, दिल्ली जाऊं, जयपुर रहूं, जोधपुर जाऊं या जालौर जाऊं, मैं राजस्थान की जनता से कभी दूर नहीं हो सकता. मैं कहीं भी रहूं, राजस्थान वासियों की सेवा करना ही मेरा परम कर्तव्य और धर्म है.
‘मुझे इस पार्टी और जनता से सब कुछ मिला है’
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान की जनता ने मुझे 5 बार सांसद बनाया, छह बार विधायक बनाया, केंद्रीय मंत्री बनाया और 3-3 बार मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी दी. तीन बार मुख्यमंत्री बनना कोई छोटी बात नहीं होती. सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी ने मुझ पर भरोसा जताकर न सिर्फ मुझे 3 बार मुख्यमंत्री बनाया, बल्कि हर बार पूरे 5-5 साल तक काम करने का अवसर दिया. पूरे हिंदुस्तान के राजनीतिक इतिहास में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है, जहां अक्सर मुख्यमंत्री बदलते रहते हैं. मुझे इस पार्टी और जनता से सब कुछ मिला है.
पत्रकार का सवाल: अशोक गहलोत साहब अब राजस्थान में ही राजनीति करेंगे या दिल्ली जाएँगे?
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) June 22, 2026
मेरा जवाब: देखिए, मैंने पहले भी कहा है और आज फिर दोहराता हूँ- 'मैं थांसू दूर नहीं' (मैं आपसे दूर नहीं हूँ)। अब मैं चाहे लंदन जाऊँ, दिल्ली जाऊँ, जयपुर रहूँ, जोधपुर जाऊँ या जालौर जाऊँ, मैं… pic.twitter.com/00H5cSlLej
‘पार्टी जो जिम्मेदारी मुझे देगी मैं उसे सहर्ष स्वीकार करूंगा’
पूर्व सीएम गहलोत ने आगे कहा कि अब मेरा यह फ़र्ज़ बनता है कि मैं अपने लिए किसी पद की मांग न करूं. पार्टी मुझे जो भी ज़िम्मेदारी देगी, चाहे वह जोधपुर की हो, जालोर की हो, पूरे राजस्थान की हो, या दिल्ली में संगठन के किसी पद की हो, मैं उसे सहर्ष स्वीकार करूंगा, लेकिन खुद से कोई मांग नहीं करूंगा. हाईकमान जो भी फैसला करेगा, मुझे मंज़ूर है. मैं देश का सबसे संतुष्ट राजनीतिज्ञ (Politician) हूं. जब मुझे पार्टी से बिना मांगे सब कुछ मिला है, मैं इंदिरा गांधी जी के समय ही केंद्रीय मंत्री बन गया था तो फिर अब मैं किसी पद की लालसा क्यों रखूं?
‘हमारा एकमात्र लक्ष्य पार्टी को हर स्तर पर मज़बूत करना है’
उन्होंने कहा कि आज देश और पार्टी के सामने बहुत बड़ी चुनौतियां हैं, जिन्हें हमें गहराई से समझना होगा. हमारा एकमात्र लक्ष्य पार्टी को हर स्तर पर मज़बूत करना है. राहुल गांधी जी ने स्पष्ट रूप से आह्वान किया है कि दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों (Minorities) पर कहीं भी कोई अन्याय या अत्याचार हो, तो कांग्रेस कार्यकर्ता तुरंत उनके पास पहुंचे, उनके सुख-दुख का साथी बने और ज़रूरत पड़ने पर उनके हक के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा करे. राहुल जी की इस बात में हमारी भविष्य की पूरी राजनीति और सेवा का मर्म आ जाता है.
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