Rajasthan News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी क्रम में ‘राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना’ के तहत राज्य सरकार ने 10 उद्योगों को विभिन्न प्रकार के अनुदान और प्रोत्साहन देने का फैसला किया है. इन उद्योगों में अब तक 1,117 करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश हो चुका है, जिससे 2,300 से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं. यह निर्णय उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLSC) की बैठक में लिया गया.
उद्योगों को मिलेंगे कई तरह के प्रोत्साहन
बैठक में चयनित 10 उद्योगों को एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, थ्रस्ट बूस्टर/ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट तथा ग्रीन इंसेंटिव सहित विभिन्न वित्तीय लाभ स्वीकृत किए गए. सरकार इन प्रोत्साहनों को चरणबद्ध तरीके से संबंधित उद्योगों को उपलब्ध कराएगी.
निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि समिति ने निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों के लाभों को मंजूरी दी है. इससे न केवल नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी. उन्होंने बताया कि 25 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश करने वाले उद्यमों को मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर, ग्रीन इन्वेस्टमेंट, एक्सपोर्ट प्रमोशन, ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े प्रोत्साहन दिए जाते हैं.
औद्योगिक विकास पर सरकार का फोकस
राजस्थान सरकार का कहना है कि निवेश प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना, निजी निवेश आकर्षित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलेगी तथा राजस्थान निवेशकों के लिए एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा.
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