कोलकाता/बहरामपुर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के चुनावी रण में कांग्रेस ने अपनी सबसे बड़ी ‘ट्रंप कार्ड’ चल दी है। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट इन दिनों बंगाल की तपती दोपहरी में कांग्रेस के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं। मंगलवार (21 अप्रैल) को पायलट ने जिस तूफानी अंदाज में बंगाल के विभिन्न जिलों का दौरा किया, उसने राज्य के सियासी समीकरणों को एक नई चर्चा दे दी है। पायलट का यह ‘बंगाल मिशन’ केवल वोट मांगना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं में वो जोश फूंकना है जिसकी तलाश में पार्टी लंबे समय से थी।
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मुर्शिदाबाद से बर्धमान: पायलट का ‘पावर पैक्ड’ चुनाव प्रचार
बहरामपुर (अधीर का गढ़): दिन की शुरुआत दिग्गज कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के समर्थन में एक भव्य रोड शो से हुई। यहां की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब पायलट के ‘क्राउड पुलर’ होने का प्रमाण दे रहा था।
लालगोला व हंसन: मुर्शिदाबाद और बीरभूम के इन क्षेत्रों में पायलट ने मोहम्मद तौहीदुर रहमान और मिल्टन राशिद के लिए हुंकार भरी। उन्होंने साफ कहा कि बंगाल की जनता अब ‘विकल्प’ की तलाश में है।
मालदा (इंग्लिश बाजार व सुजापुर): अब्दुल हन्नान के पक्ष में जनसभा करते हुए पायलट ने ध्रुवीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार किया।
पश्चिम बर्धमान (कुल्टी): दिन का समापन रवि यादव के समर्थन में एक विशाल सभा के साथ हुआ, जहाँ पायलट ने औद्योगिक बेल्ट के विकास का मुद्दा उठाया।
‘बीजेपी-टीएमसी की नूराकुश्ती ने बंगाल को लूटा’
मीडिया से रूबरू होते हुए सचिन पायलट ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्य विपक्षी दल भाजपा (BJP) पर तीखा हमला बोला। पायलट ने एक बेहद सटीक ‘पॉलिटिकल ऑब्जर्वेशन’ साझा करते हुए कहा-‘बंगाल की जनता ने टीएमसी को राज्य में और बीजेपी को केंद्र में तीन-तीन मौके दिए हैं। लेकिन इन दोनों के बीच चलने वाली वर्चस्व की लड़ाई और आपसी टकराव में बंगाल का विकास बलि चढ़ गया। जनता इन दोनों की नूराकुश्ती को समझ चुकी है और अब इस घिसटती राजनीति से छुटकारा चाहती है।’
राजस्थान मॉडल और कांग्रेस की गारंटियां
पायलट ने अपनी सभाओं में राजस्थान के विकास मॉडल और कांग्रेस द्वारा दी जा रही जनहितकारी गारंटियों का जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बार कांग्रेस बंगाल की हर सीट पर पूरी ताकत और गंभीरता के साथ लड़ रही है। पायलट का मानना है कि इस बार का चुनाव परिणाम सबको चौंका देगा क्योंकि ‘मौन मतदाता’ अब बदलाव की ओर देख रहा है।
अधीर-पायलट की जुगलबंदी: कांग्रेस की नई ताकत?
मुर्शिदाबाद के रोड शो में जब सचिन पायलट और अधीर रंजन चौधरी कंधे से कंधा मिलाकर निकले, तो कार्यकर्ताओं की ‘केमिस्ट्री’ बदल गई। पायलट ने अधीर रंजन चौधरी को बंगाल की ‘सबसे बुलंद आवाज’ बताया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पायलट का बंगाल में सक्रिय होना हिंदी भाषी वोटरों के साथ-साथ युवाओं को कांग्रेस की ओर मोड़ने की एक सोची-समझी रणनीति है।



