Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कई दिनों तक चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम शनिवार से शुरू हो गए. राजधानी तेहरान में हजारों-लाखों लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए सड़कों पर उतर आए. इस दौरान भीड़ ने ‘‘अमेरिका मुर्दाबाद’’ के नारे लगाए.
काले कपड़े पहने शोकाकुल लोगों ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार मातम मनाया और ‘ग्रैंड मोसल्ला’ परिसर की ओर बढ़ते दिखाई दिए, जहां खामेनेई का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया.
अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे लाखों लोग
ईरानी सरकार को उम्मीद है कि अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल होंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह दृश्य 1989 में तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रूहुल्ला खुमैनी के अंतिम संस्कार जैसी ऐतिहासिक भीड़ का रूप ले सकता है. तेहरान की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बंद रही और शहरभर में खामेनेई की तस्वीरों वाले बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए. बड़ी संख्या में लोग बैनर और झंडे लेकर पहुंचे. शिया परंपरा के अनुसार कई श्रद्धालु छाती पीटकर शोक व्यक्त करते नजर आए. अंतिम संस्कार में शामिल 27 वर्षीय हनानेह मौसवी ने भावुक होकर कहा कि वह अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने आई हैं और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन देखना पड़ेगा.
अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा पार्थिव शरीर
अधिकारियों के अनुसार, खामेनेई के पार्थिव शरीर को ईरान और पड़ोसी इराक के विभिन्न शहरों में भी अंतिम दर्शन के लिए ले जाया जाएगा. सुरक्षा कारणों से राजधानी की कई प्रमुख सड़कों और हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से खासकर ऐसे समय में ईरान सरकार का मनोबल बढ़ाने में मदद मिल सकती है, जब वह युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है. इस बीच, इस बात की आशंका भी बनी हुई है कि इजराइल दोबारा हमला कर सकता है.
पिता के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे मुजतबा खामेनेई
यह स्पष्ट है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे. उनके पिता अली खामेनेई 1989 में खुमैनी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे और उस समय वह रोते हुए नजर आए थे. इसके बाद उन्होंने दशकों तक ईरान का सख्ती से नेतृत्व किया और पश्चिमी देशों का सामना किया. दरअसल इजराइल ने मुजतबा खामेनेई को मारने की कई बार धमकी दी है, जिसके बाद ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने बृहस्पतिवार को चेतावनी जारी की. सैन्य कमान ने इजराइल और अमेरिका से कहा कि वे आने वाले दिनों में कोई गलत आकलन नहीं करें.
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