Tuesday, April 14, 2026
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गहलोत ने भजनलाल सरकार को घेरा, पंचायत-निकाय चुनाव टालने पर उठाए सवाल, राष्ट्रपति और राज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील

अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर पंचायत और शहरी निकाय चुनाव समय पर नहीं कराने का आरोप लगाया और राष्ट्रपति व राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि संविधान में विश्वास होता तो चुनाव समय पर होते और लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर नहीं होती। गहलोत ने सरकार पर संविधान की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने राहुल गांधी के ‘संविधान बचाओ’ अभियान का समर्थन किया और कहा कि चुनाव न कराना सरकार के नैतिक अधिकार पर सवाल उठाता है।

Rajasthan Local Body Elections : जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार पंचायत और शहरी निकाय चुनाव कराने में विफल रही है, इसलिए राष्ट्रपति और राज्यपाल को हस्तक्षेप करना चाहिए।

सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में गहलोत ने यह बात कही। उन्होंने कहा, डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान निर्माण में योगदान इतिहास में दर्ज है। जो लोग कभी आंबेडकर के सिद्धांतों में विश्वास नहीं करते थे, वे आज सत्ता में हैं और उनकी जयंती मना रहे हैं। उन्हें संविधान पर कोई आस्था नहीं है और वे उसे तार-तार कर रहे हैं।

गहलोत ने कहा, पंचायत और नगर निकाय चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। अगर वास्तव में संविधान में विश्वास होता तो चुनाव समय पर होते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी बार-बार ‘संविधान बचाओ’ का नारा देते हैं, क्योंकि संविधान का उल्लंघन हो रहा है और लोकतंत्र कमजोर हो रहा है।

गहलोत ने कहा, राष्ट्रपति और राज्यपाल को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। चुनाव समय पर होने चाहिए थे, अन्यथा इस सरकार का सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार क्या है।

Mukesh Kumar
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