बीकानेर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बीकानेर में केंद्र और राज्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थिति है और लोकतंत्र खतरे में है। गहलोत ने आपातकाल के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोगों ने इसका स्वागत किया था और ट्रेनें समय पर चलने लगी थीं।
खड़गे, राहुल और प्रियंका देश की लड़ाई लड़ रहे: गहलोत
अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी देश की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने राजस्थान में परिसीमन के मुद्दे पर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि यहां असम मॉडल लागू किया गया है।
कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
गहलोत ने राजस्थान की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए एक पूर्व विधायक की हत्या और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक प्रचारक के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट का जिक्र किया। उन्होंने इन घटनाओं को लेकर राज्य की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
चिकित्सा व्यवस्था का अध्ययन कराने की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान की मौजूदा चिकित्सा व्यवस्था का अध्ययन कराने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं की ऐसी व्यवस्था थी, जिससे लोगों को इलाज मिला। आयुष्मान योजना का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि यह अलग योजना है और पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत मनमोहन सिंह ने इसका सर्वे करवाया था।
राजस्थान कांग्रेस को लेकर क्या कहा?
राजस्थान में कांग्रेस की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर अशोक गहलोत ने कहा कि पार्टी में सभी लोग साथ हैं। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस के रुख पर चर्चा तेज हो सकती है।



