Amit Shah Bikaner Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सांचू पोस्ट का दौरा किया. उन्होंने ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान BSF के साहस की तारीफ करते हुए कहा जहां भी BSF ने मोर्चा संभाला था, वे ना केवल अपनी जगह डटे रहे बल्कि सीमांत जिलों के नागरिकों का हौसला बनाए रखने में भी BSF ने बहुत बड़ा योगदान दिया और जहां जरूरत पड़ी वहां पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का काम भी BSF के जवानों ने किया.”
#WATCH राजस्थान: बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर BSF के जवानों से संवाद करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मैं ऑपरेशन सिंदूर के दौरान BSF के जवानों का जो प्रदर्शन रहा, उसकी भी प्रशंसा करना चाहता हूं। जहां भी BSF ने मोर्चा संभाला था,… pic.twitter.com/x7lYcVGHdM
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 26, 2026
अमित शाह ने आगे का कि ‘जब से BSF की स्थापना हुई तब से इन सीमा प्रहरियों ने ना धूप देखी ना ठंड देखी, बर्फ से ढके पहाड़ों से लेकर, 45 डिग्री सेल्सियस तापमान से लेकर -45 डिग्री सेल्सियस तापमान तक हमारे सीमा प्रहरियों ने भारत की सीमाओं की सुरक्षा का जो उनको दायित्व सौंपा गया है, उसको बहुत अच्छे तरीके से वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान की भावना के साथ निभाया है.’ इन कर्मियों का बलिदान 140 करोड़ भारतीयों पर ऋण है और पूरे देश को उन पर गर्व है.’
#WATCH राजस्थान: बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर BSF के जवानों से संवाद करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "…जब से BSF की स्थापना हुई तब से इन सीमा प्रहरियों ने ना धूप देखी ना ठंड देखी, बर्फ से ढके पहाड़ों से लेकर, 45 डिग्री सेल्सियस… pic.twitter.com/6wi2Wkrhfk
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‘बॉर्डर सिक्योरिटी में महिलाओं ने पुरुषों से ज़्यादा योगदान दिया’
अमित शाह ने महिला कर्मियों के लिए बैरक का उद्घाटन के मौके पर कहा, ‘जब हमने जेंडर-न्यूट्रल अप्रोच अपनाने और भारत की महिलाओं को सभी सेक्टर में मौके देकर शामिल करने का फैसला किया, तो एक बहस छिड़ गई कि बॉर्डर पर महिलाओं की क्या भूमिका होगी और उन्हें क्या फायदे मिलेंगे. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बॉर्डर सिक्योरिटी में महिलाओं ने पुरुषों से ज़्यादा योगदान दिया है. 2030 तक, उन्हें सभी फायदे दिए जाएंगे। राजस्थान में, 79 में से 66 बैरक पहले ही पूरे हो चुके हैं, और बाकी का काम चल रहा है. एक बार जब BSF की निगरानी में बॉर्डर एरिया में मौजूद 360 बैरकों को कवर करने वाला 200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा, तो महिला कर्मी अपनी ड्यूटी ज़्यादा अच्छे से और आराम से कर पाएंगी.’
‘सांचू चौकी का ऐतिहासिक महत्व है’
1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का ज़िक्र करते हुए शाह ने कहा कि सांचू चौकी का ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि पाकिस्तानी सेना के भारी हमलों के बावजूद सुरक्षा कर्मियों ने सफलतापूर्वक इसकी रक्षा की थी. उन्होंने राजस्थान में सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी प्रकाश डाला जिनमें सड़कों का निर्माण, सीमा पर बाड़ के नए डिजाइन और 180 सीमा चौकियों को पानी की पाइपलाइन से जोड़ना शामिल है.
‘सीमा सुरक्षा अब केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं’
शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन के ज़रिए नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी उभरती हुई सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए BSF के अधिकार क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर तक बढ़ा दिया है. सीमा सुरक्षा अब केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं रह सकती. उन्होंने सुरक्षा तंत्र को और अधिक मज़बूत बनाने के लिए राज्य पुलिस बलों और राज्य प्रशासनों के बीच घनिष्ठ तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने सीमा पार से होने वाली घुसपैठ के कारण होने वाले कृत्रिम जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि विभिन्न एजेंसियों को सीमावर्ती गांवों में होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी चाहिए.
इस अवसर पर अमित शाह ने सीमा चौकियों पर नवनिर्मित 14 महिला बैरकों का ई-लोकार्पण किया. इससे पहले उन्होंने सांचू माता मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की. साथ ही, प्रहरी शस्त्र गैलरी का अवलोकन कर आधुनिक ड्रोन तकनीक की कार्यप्रणाली की जानकारी ली. उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया.
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