Stock Market Today : मुंबई। कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव के बीच बुधवार को घरेलू शेयर बाजार ने शानदार वापसी करते हुए बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। दिनभर उतार-चढ़ाव देखने के बाद अंतिम घंटे की जोरदार खरीदारी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई तेजी ने बाजार का रुख पूरी तरह बदल दिया। बीएसई सेंसेक्स 117.54 अंक यानी 0.16 प्रतिशत चढ़कर 75,318.39 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 671 अंक से ज्यादा टूटकर 74,529.41 अंक तक पहुंच गया था, लेकिन चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी लौटने से बाजार ने दमदार रिकवरी की। वहीं निफ्टी फिफ्टी भी 41 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,659 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी ने दिनभर के कारोबार में 23,397.30 के निचले और 23,690.90 के ऊपरी स्तर को भी छुआ।

इन कंपनियों के शेयरों में आई तेजी और गिरावट
सेंसेक्स की कंपनियों में से रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2.83 प्रतिशत चढ़ गया। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी बढ़त में रहे। दूसरी तरफ, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक महिंद्रा, इटर्नल और टाटा स्टील प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड करीब दो प्रतिशत गिरकर 109 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, वाहन, वित्तीय और तेल एवं गैस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार ने दिन के निचले स्तर से वापसी की। नायर ने कहा कि रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव की चिंता बढ़ा रही हैं, जबकि विदेशी निवेशकों का रुख मिला-जुला बना हुआ है।

व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.02 प्रतिशत चढ़ गया जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप में 0.16 प्रतिशत की तेजी रही। क्षेत्रवार सूचकांकों में बिजली खंड ने सर्वाधिक 1.78 प्रतिशत की छलांग लगाई जबकि पूंजीगत उत्पाद खंड में 1.52, तेल एवं गैस खंड में 1.37 प्रतिशत और ऊर्जा खंड में 1.45 प्रतिशत की तेजी रही। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कमजोरी का मुख्य कारण वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में तेजी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितता रही। इसके अलावा रुपया भी अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले अपनी कमजोरी का सिलसिला जारी रखते हुए 97 प्रति डॉलर के करीब पहुंचता दिखा और 96.95 का स्तर छूने के बाद 96.84 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में तेजी के रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वह ईरान पर हमले फिर शुरू करने का फैसला लेने वाले थे, लेकिन कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे मध्यस्थों से बातचीत के बाद इसे टाल दिया गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 2,457.49 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स मंगलवार को 114.19 अंक यानी 0.15 प्रतिशत गिरकर 75,200.85 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 31.95 अंक यानी 0.14 प्रतिशत लुढ़ककर 23,618 अंक पर रहा था।



