Thursday, May 21, 2026
HomeIndiaभारत-अमेरिका व्यापार समझौते को मिलेगी रफ्तार, अगले महीने भारत आ सकता है...

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को मिलेगी रफ्तार, अगले महीने भारत आ सकता है अमेरिकी दल: पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने कहा कि व्यापार वार्ता के लिए अमेरिकी दल अगले महीने भारत आ सकता है। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर बातचीत जारी है। गोयल ने बताया कि कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों ने भारत में निवेश की घोषणा की है और दोनों देश प्रौद्योगिकी, रक्षा, डेटा सेंटर व आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। उन्होंने एमएसएमई को समय पर भुगतान देने पर भी जोर दिया।

India US Trade Deal : नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने बृहस्पतिवार को कहा कि व्यापार वार्ता के लिए अमेरिकी दल अगले महीने भारत आ सकता है। अंतरिम समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के तहत वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय पक्ष ने अप्रैल में वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी समकक्षों के साथ आमने-सामने बैठक की थी। यह पूछे जाने पर कि क्या बीटीए के लिए अमेरिका के मुख्य वार्ताकार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ आएंगे तो गोयल ने कहा, वह उनके साथ नहीं आ रहे हैं, लेकिन उनके अगले महीने आने की योजना है।

चार दिवसीय यात्रा पर आएंगे रुबियो

रुबियो 23 मई से भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आएंगे जिसका उद्देश्य व्यापार, रक्षा एवं ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है। यह उनकी भारत की पहली यात्रा होगी। भारत और अमेरिका ने सात फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा को अंतिम रूप दिया था। हालांकि, अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले ने सभी जवाबी शुल्कों को निरस्त कर दिया जिसे अमेरिकी प्रशासन साझेदार देशों के साथ व्यापार समझौते करने के लिए एक साधन के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद अमेरिका ने इस वर्ष 24 फरवरी से 150 दिन के लिए व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत सभी आयात पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा दिया। साथ ही, उसने धारा 301 के तहत प्रमुख निर्यातकों के खिलाफ उनकी अतिरिक्त उत्पादन क्षमता एवं श्रम मानकों को लेकर दो जांच भी शुरू कीं।

धारा 122 के तहत अधिकतम 150 दिन के लिए 15 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जा सकता है। वहीं धारा 301 के तहत जांच में यदि यह पाया जाता है कि व्यापारिक साझेदारों के कदम अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो शुल्क पर कोई सीमा नहीं होती। भारत ने दोनों जांच पर अपना जवाब दे दिया है और दोनों पक्षों के बीच परामर्श जारी है। गोयल ने एक कार्यक्रम में कहा कि कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों ने भारत में निवेश की घोषणा की है क्योंकि देश, दुनिया के लिए एक पसंदीदा निवेश गंतव्य बना हुआ है। उन्होंने कहा, पिछले छह महीनों में अगर मैं अमेरिकी उद्योग से मिली विभिन्न निवेश प्रतिबद्धताओं को देखूं, तो यह आंकड़ा संभवतः 60 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होगा।

पश्चिमी एशिया संकट से दुनिया उथल-पुथल के दौरे से गुजर रही है : गोयल

अमेजन के डेटा केंद्र निवेश और गूगल के डेटा केंद्र निवेश को देखें। मेरी समझ यह है कि अमेरिका और भारत स्वाभाविक साझेदार की तरह काम कर रहे हैं। हम एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि भारत को प्रौद्योगिकी, नवाचार, उच्च-सटीक रक्षा, डिजिटल डेटा केंद्र, क्वांटम कंप्यूटिंग उपकरण और चिकित्सा उपकरण जैसे क्षेत्रों में अमेरिका के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, हम 1.4 अरब आकांक्षी भारतीयों की आकांक्षाओं, बढ़ते मध्यम वर्ग, बढ़ती आय और बढ़ती अर्थव्यवस्था के माध्यम से अमेरिकी नवाचार को विस्तार दे सकते हैं। इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि वैश्विक संकट के बीच जब यूक्रेन युद्ध पहले से चल रहा है और पश्चिम एशिया संकट भी है, दुनिया उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है।

मंत्री ने कहा कि मौजूदा स्थिति भारत और अमेरिका के लिए साथ मिलकर काम करने और अधिक विश्वसनीय तथा मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाने का उपयुक्त अवसर है। परीक्षण सुविधाओं पर उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो, निर्यात निरीक्षण एजेंसी और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी उद्योग को आधुनिक एवं श्रेष्ठ उपकरणों से युक्त सुविधाएं स्थापित करने में सहयोग देने को तैयार हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के तरीकों पर उन्होंने सुझाव दिया कि भारत में कार्यरत अमेरिकी कंपनियां वस्तुओं की स्वीकृति के सात दिन के भीतर इन इकाइयों को भुगतान करने पर विचार करें, जिससे नकदी प्रवाह तेज होगा। उन्होंने कहा कि इससे एमएसएमई अपने व्यवसाय पर ध्यान दे सकेंगे और समय से पहले भुगतान के बदले छूट भी दे सकते हैं जिससे उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular