अजमेर। राजस्थान के पुष्कर में बागेश्वर धाम से जुड़ा एक बड़ा धार्मिक प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। यहां करीब 150 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विशाल हनुमान मंदिर और मठ बनाने की योजना पर काम शुरू होने की जानकारी सामने आई है। यह योजना बागेश्वर धाम के उपासक आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में प्रस्तावित बताई जा रही है।
प्रस्तावित परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसमें करीब एक लाख श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था के साथ लगभग 50 हजार लोगों के लिए लगातार भंडारे की व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा गौशाला निर्माण को भी योजना में प्राथमिकता दी जा रही है। यह पूरी योजना श्री श्याम सनातन सेवा समिति की देखरेख में आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है।
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फरवरी की हनुमंत कथा के दौरान उठा था मंदिर का मुद्दा
पुष्कर के नए मेला मैदान में 23 से 25 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय हनुमंत कथा और दरबार का आयोजन हुआ था। इसी दौरान आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के सामने पुष्कर में भी बागेश्वर धाम की तर्ज पर मठ और मंदिर बनाने की मांग रखी गई थी।
इसके बाद इस प्रस्ताव को जमीन पर उतारने की कवायद शुरू होने की जानकारी है। योजना के तहत पुष्कर में एक बड़े भू-भाग पर पहले गौशाला विकसित करने और उसके आसपास मंदिर व मठ का निर्माण करने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, जमीन का आवंटन होने के बाद ही परियोजना की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल तैयारियों के स्तर पर एक बड़े धार्मिक परिसर की योजना पर चर्चा चल रही है।
एक लाख श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था
प्रस्तावित मंदिर-मठ परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को एक साथ बैठाने की व्यवस्था करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। योजना के मुताबिक करीब एक लाख श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
इसके साथ ही करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के लिए अन्नपूर्णा भंडारा लगातार संचालित करने की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है। परिसर में गौशाला बनाने की योजना भी इसमें शामिल है। अगर यह परियोजना प्रस्तावित रूप में आगे बढ़ती है तो पुष्कर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक बड़ा धार्मिक केंद्र बन सकता है।
धार्मिक पर्यटन और कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
योजना से जुड़े लोगों का मानना है कि पुष्कर में बागेश्वर धाम का मंदिर और मठ बनने से यहां धार्मिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं को भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इसका वास्तविक असर परियोजना के आकार, संचालन और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर निर्भर करेगा।
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11 से 15 अक्टूबर तक हिन्दू एकता रथ यात्रा
इसी बीच बागेश्वर धाम से जुड़े धार्मिक आयोजनों को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं। 11 से 15 अक्टूबर तक प्रदेश के 41 जिलों से बागेश्वर धाम तक हिन्दू एकता रथ यात्रा निकालने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में श्री श्याम सेवा समिति की बैठक अध्यक्ष गौरी शंकर शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में यात्रा से ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को जोड़ने और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई।
समिति से जुड़े पवन शर्मा के मुताबिक प्रदेश के 41 जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में संपर्क अभियान चलाया जाएगा। कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण देंगे और इसके लिए पीले चावल बांटेंगे। अभियान के तहत ब्यावर में पीले चावल बांटकर निमंत्रण देने की शुरुआत भी की गई है। बैठक के दौरान हिन्दू एकता रथ यात्रा के पोस्टर का विमोचन भी किया गया।



