Saturday, October 10, 2026
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अजमेर जेल की जिन 2 महिला कैदियों से घर पर करवाई सफाई, जानें उनके अपराध की पूरी कहानी

अजमेर जेलर विवाद में चर्चा में आईं दो महिला कैदियों की कहानी जानिए। किरण को पति की हत्या में उम्रकैद मिली, जबकि सना पर प्रेमी की पत्नी की हत्या का आरोप है।

अजमेर। राजस्थान के अजमेर सेंट्रल जेल की महिला जेलर दिव्या चौधरी से जुड़ा मामला सामने आने के बाद दो महिला कैदियों का आपराधिक इतिहास भी चर्चा में है। बताया गया है कि 12 जुलाई को दोनों महिला कैदियों को निजी कार से जेल से निकालकर जेलर के निजी आवास पर सफाई करवाने के लिए ले जाया गया था। इन बंदियों में एक किरण है, जो अपने पति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रही है, जबकि दूसरी 22 वर्षीय सना है, जिस पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी पत्नी रुबीना की हत्या करने का आरोप है। दोनों मामले वर्ष 2023 के हैं। पुलिस जांच के अनुसार, दोनों हत्याकांड के पीछे प्रेम संबंध और वैवाहिक विवाद अहम वजह के रूप में सामने आए थे। हालांकि, किरण को अदालत से सजा मिल चुकी है, जबकि सना के मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने का मामला

अजमेर जिले के भिनाय क्षेत्र के उदयगढ़ खेड़ा गांव निवासी देवेंद्र सिंह उर्फ चादूं की हत्या के मामले में उसकी पत्नी किरण जेल में बंद है। घटना 17 जनवरी 2023 की रात की है, जब देवेंद्र खेत में गेहूं की फसल की रखवाली करने गया था। वह खेत में चारपाई पर सो रहा था। अगली सुबह देवेंद्र का बड़ा भाई खेत पर पहुंचा तो उसने देवेंद्र को मृत अवस्था में पाया। उसके मुंह से खून निकल रहा था और गले पर चोट के निशान थे। उसके हाथ-पैरों पर भी खून लगा हुआ था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामले की जांच शुरू हुई। पुलिस ने जांच के दौरान 19 जनवरी 2023 को किरण उर्फ सेठा और उसके प्रेमी शैतान गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया था। जांच में सामने आया कि किरण और शैतान पर देवेंद्र की हत्या में शामिल होने का आरोप था। इस मामले में अदालत ने किरण को उम्रकैद की सजा सुनाई।

सोशल मीडिया के जरिए हुई थी किरण और शैतान की दोस्ती

पुलिस जांच के मुताबिक, किरण और शैतान गुर्जर की दोस्ती करीब एक साल पहले सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे शैतान का देवेंद्र के घर आना-जाना शुरू हो गया। जब देवेंद्र को दोनों के संबंधों के बारे में पता चला तो उसने शैतान के घर आने का विरोध किया। जांच में सामने आया कि इसके बाद दोनों ने देवेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 17 जनवरी की रात किरण ने शैतान को फोन कर बताया कि उसका पति खेत में सो रहा है। इसके बाद शैतान खेत पहुंचा और किरण भी वहां आ गई। पुलिस के अनुसार, शैतान ने देवेंद्र का गला दबाया, जबकि किरण ने उसका मुंह दबा दिया। बचाव के दौरान देवेंद्र ने किरण की अंगुली दांतों से काट ली, लेकिन दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में किरण को दोषी ठहराते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई।

प्रेमी की पत्नी रुबीना की हत्या के मामले में बंद है सना

दूसरी महिला बंदी 22 वर्षीय सना है, जो डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना थाना क्षेत्र में रुबीना की हत्या के मामले में विचाराधीन बंदी है। यह घटना 24 जुलाई 2023 की है। उस दिन गोदावास इलाके में रुबीना संदिग्ध परिस्थितियों में निढाल मिली थी। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बाद में रुबीना के गले पर खरोंच के निशान देखकर परिजनों को संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मकराना पुलिस ने 28 जुलाई 2023 को मामले का खुलासा करने का दावा किया था। इस मामले में पुलिस जांच के दौरान रुबीना के पति शैफ अली और सना के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, दोनों करीब तीन साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे।

तलाक को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस जांच के मुताबिक, शैफ अली अपनी पत्नी रुबीना पर तलाक देने का दबाव बना रहा था। 24 जुलाई को सना रुबीना के घर पहुंची और फोन करके शैफ को भी वहां बुलाया। बताया गया कि दोनों ने रुबीना से तलाक देने को कहा, लेकिन उसने इसका विरोध किया। आरोप है कि इसके बाद शैफ अली और सना ने मिलकर रुबीना का गला दबा दिया और वहां से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच के बाद सना के खिलाफ कार्रवाई की। फिलहाल सना इस मामले में विचाराधीन बंदी है और उसके खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

महिला जेलर के मामले से फिर चर्चा में आए दोनों हत्याकांड

अजमेर सेंट्रल जेल की महिला जेलर दिव्या चौधरी द्वारा कथित तौर पर दो महिला कैदियों को निजी आवास पर ले जाकर सफाई करवाने का मामला सामने आने के बाद दोनों बंदियों की पृष्ठभूमि चर्चा में आ गई है। एक महिला कैदी किरण अपने पति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रही है, जबकि दूसरी महिला कैदी सना पर अपने प्रेमी की पत्नी की हत्या में शामिल होने का आरोप है। दोनों मामलों में प्रेम संबंध और पारिवारिक विवाद अहम पहलुओं के रूप में सामने आए थे। जेल प्रशासन से जुड़े इस मामले में कैदियों को निजी आवास पर ले जाने की परिस्थितियों और संबंधित जिम्मेदारियों की जांच महत्वपूर्ण है। वहीं, सना के मामले में अंतिम न्यायिक निर्णय आने तक आरोपों को सिद्ध अपराध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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