Rajasthan News: भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों में कृषि विभाग ने 3 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. जिनमें संदीप कुमार, रजनीश कुमार और विशाल कुमार के नाम शामिल हैं. आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान तीनों अधिकारियों का मुख्यालय जयपुर रहेगा और बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी.
वहीं निलंबन आदेश जारी होने के बाद कांग्रेस ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को घेरा है. कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट जारी करते हुए मंत्री के 6 जून के एक पुराने बयान की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध हो जाए तो वह अपना पद छोड़ देंगे.
आखिरकार.. कृषि विभाग ने खाद-बीज रिश्वतकांड में संदीप और रजनीश समेत 3 लोगों को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया।
— Rajasthan PCC (@INCRajasthan) July 6, 2026
ये वही संदीप और रजनीश हैं.. जिनके बचाव में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल ने कहा था.. "यदि भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध हो जाए तो पद छोड़ दूंगा"
ये वही संदीप और… pic.twitter.com/TdorCSxjA1
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखी ये बात
कांग्रेस ने कहा कि निलंबित अधिकारियों संदीप कुमार और रजनीश कुमार का पहले कृषि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से बचाव किया था. पार्टी ने आरोप लगाया कि ये दोनों अधिकारी सीकर में मंत्री के ओएसडी बनकर कथित अवैध वसूली में शामिल थे. मंत्री ने व्यापारियों के भ्रष्टाचार के आरोपों को झूठा बताया और इनकी ईमानदारी के कसीदे पढ़ें. पोस्ट में सवाल किया है कि अब क्या कहेंगे मंत्री जी?
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि कृषि विभाग की कथित “डिकॉय टीम” से जुड़े जुगल किशोर की पहले ही करोड़ों रुपये के साथ गिरफ्तारी हो चुकी है. दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कृषि मंत्री किरोड़ी लाल की मुलाकात के बाद रविवार को संदीप और रजनीश को भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित करने का आदेश.. आखिर क्या संदेश दे रहा है?
निष्पक्ष जांच की मांग
पार्टी ने कहा कि कृषि विभाग की पूरी डिकॉय टीम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन और छापेमारियों के दौरान हुई उगाही की परत-दर-परत जांच हो. राजस्थान की जनता जानना चाहता है कि ये खेल सिर्फ कुछ लोगों का था या पूरी व्यवस्था इसमें शामिल हैं?
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