Ketan Agrawal Death Case : पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने चर्चित सोनम रघुवंशी केस की याद ताजा कर दी है। प्रसिद्ध लोहागढ़ किले में 24 वर्षीय केतन विशाल अग्रवाल की मौत की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआत में इस घटना को एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ मामला संदिग्ध होता चला गया।
जांच के दौरान केतन की मंगेतर के बयान और घटनाक्रम में कई तरह की विसंगतियां सामने आईं, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। अधिकारियों को आशंका हुई कि वह मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपा रही है। इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन पड़ताल की।
पुलिस जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि मंगेतर का किसी अन्य युवक के साथ संबंध था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी रिश्ते के चलते दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस को संदेह है कि केतन को योजनाबद्ध तरीके से लोहागढ़ किले की करीब 350 फीट गहरी घाटी में धक्का दिया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

19 जून का जश्न, केतन की जिंदगी का आखिरी दिन
केतन अग्रवाल की मौत का मामला लगातार रहस्यमय होता जा रहा है। जानकारी के अनुसार, केतन अपनी मंगेतर का जन्मदिन मनाने के लिए उसके और कुछ दोस्तों के साथ प्रसिद्ध लोहागढ़ किले पर गए थे। मंगेतर का जन्मदिन 19 जून को था और केतन ने शादी से पहले इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए ट्रिप की योजना बनाई थी। दोनों की शादी अगले महीने तय थी और परिवार में तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। बताया जा रहा है कि केतन के परिवार ने जयपुर में भव्य विवाह समारोह के लिए एक महल भी बुक किया था और मेहमानों के ठहरने सहित कई व्यवस्थाएं की जा चुकी थीं।
शुरुआती जांच में पुलिस को लगा था कि घाटी के किनारे तस्वीरें लेते समय संतुलन बिगड़ने से केतन का पैर फिसल गया और वह करीब 350 फीट गहरी खाई में गिर गए। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने मामले की दिशा बदल दी। अब पुलिस इस घटना को संदिग्ध मानते हुए हत्या के एंगल से जांच कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले सबूतों और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर मामले की पड़ताल जारी है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष घोषित नहीं किया है और सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।



