Indian Youth Congress : नई दिल्ली। भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) ने दिल्ली में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के समर्थन में होर्डिंग लगाकर धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे को नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन की पहली जीत बताया है। आईवाईसी ने कहा कि छात्रों के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा और दोषियों की जवाबदेही तय होने तक आंदोलन नहीं रुकेगा।
राहुल गांधी के नेतृत्व को मिली बड़ी सराहना
दिल्ली युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने दावा किया कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा किए गए लगातार विरोध-प्रदर्शनों का परिणाम है। लाकड़ा ने कहा, मोदी सरकार में जिसे असंभव बताया जा रहा था, वह छात्रों के संघर्ष और राहुल गांधी के नेतृत्व की बदौलत संभव हुआ। लेकिन हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की युवा इकाई तब तक अपना आंदोलन जारी रखेगी, जब तक छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छात्रों से माफी नहीं मांगते।
जून में कांग्रेस ने भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक, विशेषकर नीट विवाद को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार को जवाबदेह ठहराने तथा पारदर्शी परीक्षाएं सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों की मांग करते हुए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत देशभर में विरोध-प्रदर्शन, जनसंपर्क कार्यक्रम और छात्रों के साथ संवाद आयोजित किया गया।
राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुए ‘‘बर्बर हमले’’ की जवाबदेही तय करने की मांग की। गांधी ने शाह से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ ‘पेलेट गन’ के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। उन्होंने कथित बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की और पार्टी की इस मांग को दोहराया कि प्रधानमंत्री छात्रों से माफी मांगें।



