मुंबई। एक वक्त ऐसा भी था, जब वामिका गब्बी को लगता था कि शायद वह एक्टिंग के लिए नहीं बनी हैं। लगातार रिजेक्शन, अच्छे रोल की कमी और बड़े प्रोजेक्ट्स बंद होने के बाद उन्होंने अभिनय छोड़ने तक का मन बना लिया था। लेकिन फिर उनकी जिंदगी में आया ‘जुबली’, जिसने उन्हें हिंदी दर्शकों के बीच एक नई पहचान दिलाई।
वामिका गब्बी ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘जब वी मेट’ में एक छोटे से किरदार से की थी। इसके बाद उन्होंने पंजाबी, तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में काम किया, लेकिन हिंदी सिनेमा में उन्हें मनचाही पहचान नहीं मिल रही थी।
संघर्ष के दौरान एक फिल्म की शूटिंग पर उनसे कहा गया था कि अपने अभिनय पर काम करो, क्योंकि तुम्हें कोई हीरोइन नहीं लेगा। कम उम्र में मिला यह ताना उनके लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपने हुनर को निखारने में जुटी रहीं।
साल 2019 में वामिका एक्टिंग छोड़ने के बारे में सोच रही थीं। इसी दौरान उन्हें विशाल भारद्वाज के प्रोजेक्ट ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ के लिए ऑडिशन देने का मौका मिला। हालांकि, यह सीरीज शूटिंग शुरू होने से पहले ही बंद हो गई, लेकिन इससे उन्हें एक्टिंग को नए नजरिए से समझने और खुद पर भरोसा करने का मौका मिला।इसके बाद नेटफ्लिक्स की ‘बाहुबली: बिफोर द बिगिनिंग’ में युवा शिवगामी का किरदार निभाने की तैयारी भी की, लेकिन यह प्रोजेक्ट भी रिलीज नहीं हो पाया।
वामिका के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साल 2023 में आया, जब विक्रमादित्य मोटवानी की वेब सीरीज ‘जुबली’ में उन्होंने नीलोफर का किरदार निभाया। इस भूमिका ने उन्हें दर्शकों और समीक्षकों के बीच खास पहचान दिलाई। इसके बाद ‘खुफिया’, ‘चार्ली चोपड़ा’ और ‘बेबी जॉन’ जैसे प्रोजेक्ट्स में भी वह नजर आईं।वामिका की कहानी बताती है कि सफलता हमेशा एक फिल्म से नहीं मिलती। कई बार सालों का संघर्ष, रिजेक्शन और अधूरे मौके ही उस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता बनते हैं, जिसका सपना एक कलाकार देखता है।



