हैदराबाद। फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा तेज है। फिल्म के टीजर में दिखाए गए विजुअल इफेक्ट्स (VFX), युद्ध के दृश्यों और राक्षसों के डिजाइन को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए थे। इसी बीच अभिनेता यश ने दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री से फिल्म को खुले मन से देखने और इसके निर्माण के प्रयासों का समर्थन करने की अपील की है।
सोमवार रात हैदराबाद में आयोजित फिल्म के प्री-रिलीज इवेंट में यश ने कहा कि दर्शकों को VFX की छोटी-छोटी कमियां खोजने के बजाय फिल्म के बड़े विजन को समझने की कोशिश करनी चाहिए। फिल्म में यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं और इसके सह-निर्माता भी हैं।
यश बोले- ऐसी कोशिश दोबारा नहीं होगी
यश ने कार्यक्रम में कहा कि जब कोई निर्माता इस स्तर की फिल्म बनाने का प्रयास करता है, तो वह अपनी प्रतिष्ठा और पैसा दांव पर लगाता है। उसका उद्देश्य फिल्म को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना होता है।उन्होंने दर्शकों से अपील करते हुए कहा कि VFX में छोटी कमियां निकालने के बजाय फिल्म को खुले मन से देखा जाना चाहिए। यश के मुताबिक, ऐसी बड़ी फिल्मों को बनाने में कई साल लगते हैं। अगर फिल्म निर्माताओं को पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, तो भविष्य में इस तरह के प्रोजेक्ट्स पर काम करना मुश्किल हो सकता है।यश ने सह-निर्माता नमित मल्होत्रा की तारीफ करते हुए कहा कि वह आलोचनाओं और फीडबैक को स्वीकार करते हैं और फिल्म को बेहतर बनाने की कोशिश करते रहे हैं।
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से एकजुट होने की अपील
यश ने फिल्म इंडस्ट्री से भी साथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और तमिल फिल्म इंडस्ट्री को एकजुट होकर भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए।उन्होंने नमित मल्होत्रा के विजन की सराहना करते हुए कहा कि वह भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यश के अनुसार, नमित की मेहनत, जुनून और दृढ़ संकल्प ने उन्हें इस प्रोजेक्ट से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
रणबीर कपूर बोले- रामायण हमारे भीतर बसी कहानी
इवेंट में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर ने भी फिल्म को लेकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि कुछ कहानियां केवल सुनाई नहीं जातीं, बल्कि लोगों के भीतर गहराई से बसी होती हैं। रामायण ऐसी ही एक कहानी है।रणबीर ने कहा कि भगवान राम का किरदार निभाना उनके लिए भावनात्मक अनुभव रहा है। इस भूमिका ने उन्हें साहस, करुणा, क्षमा और आभार जैसे मूल्यों के महत्व को समझने का अवसर दिया।उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म दर्शकों को उन कहानियों और मूल्यों से फिर जोड़ पाएगी, जिन्हें उन्होंने बचपन में अपने माता-पिता और दादा-दादी से सुना है।कार्यक्रम में नमित मल्होत्रा, साई पल्लवी और रवि दुबे समेत फिल्म से जुड़े अन्य कलाकार भी मौजूद रहे।
VFX और युद्ध के दृश्यों को लेकर क्यों उठे सवाल?
फिल्म के पहले टीजर में भगवान राम के लुक, युद्ध के दृश्यों और विजुअल इफेक्ट्स की झलक दिखाई गई थी। कई दर्शकों ने इसके भव्य विजुअल्स की तारीफ की, जबकि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने कुछ दृश्यों और राक्षसों के डिजाइन की तुलना हॉलीवुड फिल्मों से की।कुछ यूजर्स ने ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’, ‘द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ और ‘ड्यून: पार्ट टू’ जैसी फिल्मों के दृश्यों से समानता होने का दावा किया। हालांकि, ये सोशल मीडिया पर व्यक्त की गई दर्शकों की राय और तुलनाएं हैं; इन्हें कॉपी किए जाने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।इन्हीं चर्चाओं के बीच यश की अपील सामने आई है कि फिल्म को केवल तकनीकी कमियों के आधार पर नहीं, बल्कि इसके व्यापक उद्देश्य और निर्माण के प्रयासों को ध्यान में रखकर भी देखा जाना चाहिए।
5 नवंबर को दुनियाभर में रिलीज होगी फिल्म
‘रामायण: पार्ट वन’ की दुनियाभर में रिलीज 5 नवंबर 2026 को निर्धारित बताई गई है। फिल्म को भारतीय पौराणिक कथा को बड़े सिनेमाई पैमाने पर प्रस्तुत करने वाले प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है।अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि फिल्म रिलीज होने के बाद उसे कैसी प्रतिक्रिया मिलती है और क्या यह भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला पाएगी।



