नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार सुबह कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच हिंसक घटना हो गई। ओमानी पायलट ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। इस मुश्किल हालात में यात्री यानिव हायून ने हमलावर को काबू करने और विमान को संभालने में मदद की। खास बात यह है कि हायून को विमान उड़ाने की कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं मिली थी। उन्होंने बताया कि विमान के कंट्रोल को लेकर उन्हें जानकारी एक टीवी शो से मिली थी। घटना के बाद हायून खून से सने कपड़ों में ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलने पहुंचे। नेतन्याहू ने उनके साहस की तारीफ की और उन्हें हीरो बताया।
कॉकपिट से चीखें सुनकर आगे पहुंचे यात्री
यानिव हायून ने नेतन्याहू को बताया कि उन्हें कॉकपिट से चीखने की आवाज सुनाई दी थी। इसके बाद वह एक दूसरे यात्री के साथ कॉकपिट की तरफ पहुंचे। कॉकपिट में उन्होंने देखा कि भारतीय कप्तान स्मित मच्छार घायल हालत में जमीन पर पड़े थे, जबकि हमलावर पायलट विमान उड़ा रहा था। हायून के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था। इसके बाद बाहर मौजूद यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंच सके। हायून ने हमलावर को पकड़कर कंट्रोल पैनल से दूर खींचा और बाहर किया। इसके बाद उन्होंने दूसरे यात्रियों से मदद मांगी। तीन यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू किया और हेडफोन की तार से उसके हाथ बांध दिए।
हमलावर को काबू करने के बाद फिर तेजी से नीचे जाने लगा विमान
हमलावर को काबू करने के बाद हायून वापस कॉकपिट में पहुंचे। उस समय विमान तेजी से नीचे जा रहा था और दोनों पायलट अपनी सीट पर नहीं थे। हायून ने विमान के कंट्रोल संभाले और उन्हें पीछे की ओर खींचा। इससे विमान की नोज ऊपर उठने लगी और स्थिति कुछ हद तक संभली। हायून ने बाद में बताया कि उन्हें यह जानकारी ‘Air Disasters’ नाम के टीवी शो से मिली थी। यह शो विमान हादसों और उनसे जुड़े मामलों पर आधारित है। हायून के मुताबिक, शो में उन्होंने देखा था कि विमान तेजी से नीचे जाने लगे तो कंट्रोल को पीछे की ओर खींचना होता है।
दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाला विमान
हायून ने कुछ समय तक विमान को संभाले रखा, लेकिन वह खुद पायलट नहीं थे। इसके बाद फ्लाईदुबई के दो पायलट, जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे और यात्री के तौर पर विमान में मौजूद थे, कॉकपिट में पहुंचे। इन पायलटों ने विमान का कंट्रोल संभाला और उसे सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया। इसके बाद विमान ने वहां सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग की। फ्लाईदुबई ने भी कहा है कि विमान को फ्लाईदुबई के क्रू ने सुरक्षित तबूक पहुंचाया।
फ्लाइट में 174 लोग थे सवार
फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी और इसमें कुल 174 लोग सवार थे। घटना के बाद विमान का रूट बदलकर सऊदी अरब के तबूक की ओर किया गया। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान कुछ ही समय में करीब 14,000 फीट नीचे आ गया था। इसके बाद स्थिति को संभालते हुए विमान की तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
घायल भारतीय पायलट का विमान में ही किया गया इलाज
हमले में घायल कैप्टन स्मित मच्छार को तबूक पहुंचने के बाद अस्पताल ले जाया गया। विमान में मौजूद इजराइली डेंटिस्ट डॉ. शोटा मुसायेव ने भी उन्हें इलाज देने में मदद की। भारतीय दूतावास के मुताबिक, स्मित मच्छार तबूक के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर है। दूतावास उनके परिवार के संपर्क में है और सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर उनकी मदद कर रहा है।
कॉकपिट का दरवाजा कैसे खुला? जांच में अहम सवाल
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि यात्री कॉकपिट के अंदर कैसे पहुंचे। आमतौर पर उड़ान के दौरान कॉकपिट का दरवाजा सुरक्षा कारणों से लॉक रहता है। 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद विमानों में कॉकपिट की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया था। उड़ान के दौरान बिना अनुमति कॉकपिट में प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों को मजबूत और सुरक्षित बनाया जाता है।
हमले के आरोपी सह-पायलट गिरफ्तार, मकसद की जांच जारी
सऊदी अधिकारियों ने हमले के आरोपी ओमानी सह-पायलट को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, घटना के पीछे उसका मकसद क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फ्लाईदुबई ने कहा है कि उड़ान के दौरान कॉकपिट में घटना हुई और विमान को सुरक्षित रूप से तबूक उतारा गया। कंपनी ने जांच पूरी होने से पहले घटना के कारण और मकसद को लेकर अटकलें नहीं लगाने की अपील की है। इजराइली अधिकारियों ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद इजराइल ने पायलटों की सुरक्षा जांच को और कड़ा करने की बात कही है।



