जयपुर। राजस्थान के दौसा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए तीन कर्मचारियों को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। ACB के मुताबिक, यह कार्रवाई बांदीकुई रेलवे स्टेशन पर लगाए जा रहे सोलर प्लांट की नेट मीटरिंग के लिए मीटर चेंजिंग ऑर्डर (MCO) जारी करने के बदले रिश्वत लेने के मामले में की गई। ACB के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में धर्मराज गुर्जर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (विद्युत), बांदीकुई रेलवे जंक्शन, छोटेलाल सैनी, सहायक अभियंता, जयपुर डिस्कॉम बांदीकुई और धर्मेन्द्र सैनी, लाइनमैन प्रथम, जयपुर डिस्कॉम बांदीकुई शामिल हैं।
10 हजार रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत
ACB चौकी दौसा को शिकायत मिली थी कि परिवादी की फर्म द्वारा बांदीकुई रेलवे स्टेशन पर सोलर प्लांट लगाया जा रहा है। इसकी नेट मीटरिंग के लिए फाइल प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के मुताबिक, फाइल में MCO यानी मीटर चेंजिंग ऑर्डर जारी करने और फाइल को आगे बढ़ाने की एवज में सहायक अभियंता छोटेलाल सैनी और लाइनमैन प्रथम धर्मेन्द्र सैनी द्वारा 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई की।
रेलवे अधिकारी के कार्यालय में बुलाया परिवादी
ACB की कार्रवाई के दौरान आरोपी धर्मेन्द्र सैनी और छोटेलाल सैनी ने परिवादी को धर्मराज गुर्जर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (विद्युत), बांदीकुई रेलवे जंक्शन के कार्यालय में बुलवाया। ACB के अनुसार, ट्रैप के दौरान धर्मराज गुर्जर ने परिवादी से 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि प्राप्त की। उन्होंने रकम को अपने हाथों से गिना और इसके बाद 5 हजार रुपये धर्मेन्द्र सैनी और छोटेलाल सैनी को खाकी लिफाफे में डालकर दिए। आरोपी कर्मचारियों ने कथित तौर पर इस रकम को परिवादी की मूल पत्रावली में रख दिया। ACB ने कार्रवाई करते हुए 5 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
5 हजार रुपये परिवादी को वापस किए
ACB के मुताबिक, रिश्वत राशि के लेन-देन के दौरान बाकी 5 हजार रुपये धर्मराज गुर्जर ने परिवादी को वापस लौटा दिए। परिवादी से यह रकम प्राप्त कर ACB ने इसे वजह सबूत के तौर पर कब्जे में ले लिया।
ACB की आगे की कार्रवाई जारी
यह पूरी कार्रवाई ACB के उपमहानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में ACB चौकी दौसा के ज्ञान सिंह चौधरी के नेतृत्व में की गई। ACB की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमाला के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है। ACB के मुताबिक, मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
ACB ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
ACB ने कहा है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ ACB में प्रकरण, अभियोग या प्राथमिक जांच दर्ज होने पर संबंधित व्यक्ति ACB से सीधे संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है। ACB के मुताबिक, प्रस्तुत स्पष्टीकरण का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद ही अनुसंधान में आगे निर्णय लिया जाता है। ACB ने लोगों को धोखाधड़ी आदि से बचने के लिए भी सतर्क रहने की अपील की है। भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत या जानकारी देने के लिए ACB के टोल फ्री नंबर 1064 और WhatsApp हेल्पलाइन नंबर 94135-02834 पर 24×7 संपर्क किया जा सकता है।



