Monday, August 31, 2026
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विदेशी पर्यटकों को क्यों नहीं भा रहा भारत? अल्बानिया जैसे छोटे देश से भी पीछे, जानिए बड़ी वजहें!

भारत के विशाल सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक आकर्षणों के बावजूद विदेशी पर्यटकों की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो रही है। पिछले साल भारत में 91.5 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे, जो 2019 के मुकाबले करीब 16% कम है। पर्यटन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक ठगी, सुरक्षा की चिंता, परिवहन की मुश्किलें और जटिल वीजा प्रक्रिया विदेशी यात्रियों को प्रभावित कर रही हैं।

नई दिल्ली। भारत दुनिया के सबसे विविध पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां ऐतिहासिक स्मारकों से लेकर पहाड़, समुद्र तट, वन्यजीव, आध्यात्मिक केंद्र और समृद्ध संस्कृति तक पर्यटकों के लिए कई आकर्षण मौजूद हैं। इसके बावजूद विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में भारत की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 8.1 प्रतिशत घटकर करीब 91.5 लाख रह गई। यह संख्या 2019 में भारत आए करीब 1.09 करोड़ विदेशी पर्यटकों की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत कम है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 30 लाख से कम आबादी वाला अल्बानिया भी विदेशी पर्यटकों की संख्या के मामले में भारत से आगे निकल गया है।

विदेशी पर्यटक किन समस्याओं से परेशान?

पर्यटन उद्योग से जुड़े अधिकारियों और यात्रियों के अनुभवों के अनुसार भारत में विदेशी पर्यटन कमजोर रहने के पीछे कई वजहें हैं। इनमें ठगी, सुरक्षा संबंधी चिंताएं, परिवहन व्यवस्था की जटिलता और वीजा प्रक्रिया जैसी समस्याएं प्रमुख हैं।

घरेलू पर्यटन में जबरदस्त उछाल

जहां विदेशी पर्यटन अपेक्षाकृत कमजोर है, वहीं भारत में घरेलू पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल घरेलू यात्राओं की संख्या करीब 46 प्रतिशत बढ़कर 429 करोड़ हो गई। यह आंकड़ा महामारी से पहले के स्तर से लगभग दोगुना है। बढ़ती आय, बेहतर बुनियादी ढांचा और धार्मिक पर्यटन में बढ़ती रुचि को घरेलू पर्यटन की वृद्धि की प्रमुख वजह माना जा रहा है। भारतीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण पर्यटन उद्योग भी अपनी सेवाओं और कीमतों को घरेलू यात्रियों की जरूरतों के मुताबिक ढाल रहा है। वहीं, रुपये की कमजोरी ने भारतीयों के लिए विदेश यात्रा को महंगा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मौकों पर लोगों से देश के पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देने और यात्रा का खर्च भारत में ही करने की अपील कर चुके हैं।

पर्यटन कमाई में भी भारत कई देशों से पीछे

विदेशी पर्यटकों की कम संख्या का असर भारत की पर्यटन आय पर भी दिखाई देता है। नीति आयोग की जून में जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत की विदेशी पर्यटन आय करीब 35 अरब डॉलर रही, जो तुर्की, थाईलैंड और सऊदी अरब जैसे अपेक्षाकृत छोटे पर्यटन बाजारों से भी कम है। यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के पास सांस्कृतिक, प्राकृतिक और अनुभव आधारित पर्यटन की काफी बड़ी विविधता है। इसके बावजूद भारत विदेशी पर्यटकों से होने वाली कमाई में कई प्रतिस्पर्धी देशों से पीछे है।

क्या वास्तविक विदेशी पर्यटक संख्या और भी कम है?

पर्यटन उद्योग से जुड़े कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि 91.5 लाख का आंकड़ा भारत में छुट्टियां मनाने आने वाले विदेशी पर्यटकों की वास्तविक संख्या को पूरी तरह नहीं दर्शाता। इसमें इलाज, कारोबार और परिवार से मिलने जैसे अन्य उद्देश्यों से भारत आने वाले विदेशी नागरिक भी शामिल होते हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष के अनुमान के मुताबिक, वास्तव में भारत आने वाले विदेशी अवकाश पर्यटकों की संख्या करीब 20 लाख से 30 लाख के बीच हो सकती है।भारत के सामने अब चुनौती सिर्फ विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, आसान और बेहतर यात्रा अनुभव देने की भी है।

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